भास्कर न्यूज | चतरा जिले में सरकारी धान खरीद को लेकर किसानों की उदासीनता सामने आ रही है। निबंधित किसानों की बड़ी संख्या होने के बावजूद अब तक मात्र 12 प्रतिशत किसानों ने ही सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान बेचा है। जिले में कुल 17,137 किसान निबंधित हैं, जिनमें से केवल 2,107 किसानों ने ही अब तक धान की बिक्री की है। यह आंकड़ा चिंता का विषय है। जानकारी के अनुसार धान क्रय को गति देने के लिए धान क्रय केंद्रों (पैक्स अध्यक्ष)की ओर से 6,798 किसानों को एसएमएस भेजकर क्रय केंद्रों पर धान लाने की अपील की गई थी। बावजूद इसके अपेक्षित भागीदारी नहीं दिख रही है। सरकारी लक्ष्य 1,50,000 क्विंटल धान खरीद का रखा गया था, जबकि अब तक मात्र 97,676 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है। यानी लक्ष्य के मुकाबले करीब एक-तिहाई धान की खरीद अब भी शेष है। किसानों के सरकारी खरीद से दूरी बनाने के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। किसानों का कहना है कि भुगतान में देरी, तौल व ग्रेडिंग की प्रक्रिया में परेशानी जैसी समस्याएं उन्हें निजी व्यापारियों की ओर मोड़ देती हैं। निजी व्यापारी खेत से ही धान उठा लेते हैं और तत्काल नकद भुगतान कर देते हैं, जिससे किसानों को सुविधा होती है। प्रशासन का दावा है कि शेष अवधि में किसानों को जागरूक कर लक्ष्य के करीब पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि जब तक क्रय केंद्रों पर व्यवस्था सरल और भरोसेमंद नहीं बनेगी, तब तक किसान सरकारी खरीद से दूरी बनाए रखेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन भरोसे की यह खाई कैसे पाट पाता है। ^किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। केंद्रों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और भुगतान प्रक्रिया को तेजी लाई जाएगी।^ -लोकनाथ महतो , जिला सहकारिता पदाधिकारी चतरा ।


