पुनर्वास के तौर पर प्लॉट देने की मांग कर रहे हैं लोग

भास्कर न्यूज | जालंधर लतीफपुरा में कब्जे हटाने के बाद जो पुराना मलबा पड़ा है, इसे उठाने का काम बुधवार को भी जारी रहेगा। एक्शन के दौरान मॉडल टाउन, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और जीटीबी नगर के रोड बंद करने से जनता परेशान हुई। सुबह लोग प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की तरफ जा रहे थे। जैसे ही लतीफपुरा की तरफ जाते सभी रास्तों पर पुलिस की नाकाबंदी दिखी तो परेशान हुए। सबको वापस जाकर दूसरे रास्ते अपनाने के लिए कहा गया। ऐसे में लोगों ने जब वैकल्पिक रास्ते अपनाए तो कॉलोनियों की गलियों में ट्रैफिक जाम हो गया। ज्यादा परेशानी चौपहिया वाहन चालकों को हुई । परेशान जनता में कोई पास ही श्री गीता मंदिर में माथा टेकने जा रहा था, किसी की इनोसेंट हार्ट स्कूल में परीक्षा थी, किसी ने सीवरेज बोर्ड व बीएसएनएल एक्सचेंज में ड्यूटी जॉइंन करना थी। दूसरी तरफ सुबह से लेकर देर शाम तक रास्ते बंद होने से गलियों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे मॉडल टाउन मार्केट में जाम रहा। गुरु तेग बहादर नगर की मार्केट में वाहन फंसे रहे। स्कूली बच्चे सर्वाधिक परेशान हुए। जेआईटी की काजी मंडी की चुनौती बाकी जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट यानी जेआईटी की लतीफपुरा के बाद काजी मंडी में बंद 120 फीट रोड को क्लियर करने की चुनौती लंबित है। ये रोड दोमोरिया पुल से ट्रेफिक को नेशनल हाइवे से जोड़ती है। यहां काजी मंडी की झुग्गी वालों के कब्जे हैं। जैसे लतीफपुरा के लोगों को फ्लैट कांप्लेक्स भेजा है, इसी प्रकार काजी मंडी के लोगों को अमरीक नगर में प्लाट देने का प्रस्ताव बना था। अभी ये प्रोसेस पेंडिंग चल रहा है। लतीफपुरा में कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चौतरफा नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला मंदिर जाने के लिए निकली तो उन्हें पुलिस मुलाजिमों की तरफ से रोक दिया गया। महिला इससे निराश हो गईं। उन्होंने वहीं, सड़क पर जल प्रवाह की रस्म निभाई। याचिकाकर्ता रबिंदर सिंह और अन्यों ने कब्जे पूरी तरह से हटाए न जाने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में रखा था। मंगलवार को डिमॉलिश करने की जानकारी सरकारी पक्ष ने अदालत में दी। इसके संदर्भ में याचिका को डिस्पोज ऑफ करने को लेकर दलीलें रखीं। याची पक्ष ने कहा कि 9 फरवरी तक कब्जामुक्त करना था लेकिन आज 10 तारीख है। पूरी तरह से कब्जे हटने के बाद ही अगला फैसला होना चाहिए। इसके बाद केस की अगली सुनवाई 18 फरवरी तय हुई है। सात परिवार को छोड़ बाकी आंदोलन पर लतीफपुरा से 7 परिवारों को बीबी भानी फ्लैट कांप्लेक्स भेजा गया है। इनमें वनीता, जोगिंदर, काबल सिंह, हरी सिंह फौजी, मंदीप,नरिंदर कुमार व भिंदर और परिजन शामिल हैं। फिलहाल इन्हें 2 कमरे के फ्लैटों की अलाटमेंट लेटर मिलना बाकी है। दूसरी तरफ कई परिवार शिफ्ट होने की बजाय आंदोलन की राह पर हैं। इनमें शामिल लोगों में कश्मीर सिंह, गुरदयाल सिंह, मंगा सिंह, देविंदर, िजंदर आदि शामिल हैं। ये परिवार पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध जता रहे हैं। मंगलवार को डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कब्जा हटाने की प्रक्रिया की दफ्तर से मानीटरिंग की। 120 फीट रोड को क्लियर करने पर विरोध का सामना न करना पड़ा इसलिए प्रशासन ने पुलिस फोर्स, वॉटर कैनन, दमकल, रिकवरी वैन, बसें, एंबुलेंस आदी का प्रबंध किया था। लतीफपुरा में जिन परिवारों को हटाया गया है, इन परिवारों के स्कूली बच्चों ने कहा कि जब 2022 में एक्शन हुआ तो भी उनकी फाइनल परीक्षा चल रही थी, अब भी फाइनल परीक्षाओं के दिन हैं। जो परिवार आंदोलन करते हुए बूटा गांव अड्डा में मार्केट कमेटी की टैंकी के ऊपर चढ़कर नारेबाजी कर रहे थे, वो रात की ठंड में अंधेरे में भी डटे रहे हैं। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। वह लतीफपुरा से हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं, मुड़वसेबा यानी पुनर्वास के तौर पर प्लॉट देने की मांग कर रहे हैं। जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कॉलोनी बीबी भानी फ्लैट कॉम्प्लेक्स, सलेमपुर मुसलमाना में 7 परिवार शिफ्ट हुए। इन फ्लैटों के अंदर बिजली के स्विच खराब थे, पानी की लाइनों में भी दिक्कत थी। जिला प्रशासन ने इसे ठीक कराने की ड्यूटी जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की लगाई। यहां इंजीनियर परविंदर सिंह और बाकी स्टाफ जुटा रहा। बीबी भानी फ्लैट कॉम्प्लेक्स में पब्लिक लाइटिंग भी ठीक कर दी गई। फ्लैट में शिफ्ट हुए नरिंदर कुमार ने बताया कि उनकी एक टांग को पोलियो है। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। बेटी और 2 बेटे हैं। प्रशासन ने उनसे वादा किया कि जिन फ्लैटों में भेजा गया है, यहां वह रेगुलर तरीके से बस सकेंगे। अभी अलॉटमेंट आदी की लेटर मिलनी बाकी है।

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