जालंधर| कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने स्थानीय होटल में कहा कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की तरफ से की नशा विरोधी पदयात्रा नाकाफी है। साल 2014 में पहली बार पंजाब में चिट्टा पकड़ा गया था। इसके विरोध में पदयात्राओं की बात तब होनी चाहिए थी, आज स्थिति गंभीर है, ऐसे में नशे के नेटवर्क पर सख्त एक्शन की जरूरत है। बकौल राणा- मुझे भी इस पदयात्रा के लिए न्योता दिया गया था, मैंने जाना ठीक नहीं समझा। इस बात की जरूरत है कि नशे के नेटवर्क पर प्रहार के लिए केंद्र और राज्य सरकार को सक्रिय करने में राज्यपाल भूमिका निभाएं। विधायक ने कहा कि आज नशे की सप्लाई के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति हो रही है। उन्होंने राज्यपाल और पंजाब सरकार से तुरंत एक्शन लिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा छोटे तस्करों के घरों को तोड़कर कुछ नहीं होगा। इसके लिए ग्राउंड लेवल पर एक्शन की जरूरत है।


