अमृतसर| शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने प्रोफेसर दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई याचिका को दिल्ली सरकार द्वारा पुन: खारिज किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस फैसले को सिख कौम के साथ सरासर अन्याय और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि प्रोफेसर भुल्लर पिछले 33 वर्षों से जेल की सजा काट रहे हैं, जो उनकी मूल सजा की अवधि से भी अधिक है। उन्होंने सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान सजा समीक्षा बोर्ड ने बार-बार याचिका खारिज की और अब भाजपा सरकार भी उसी राह पर चलते हुए सिख भावनाओं को आहत कर रही है। धामी ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार कई अन्य कैदियों की सजा कम करने की सिफारिश कर रही है, वहीं प्रोफेसर भुल्लर के मामले में जानबूझकर नकारात्मक रवैया अपनाया जा रहा है।


