भास्कर न्यूज | कवर्धा भोरमदेव के जंगल में वन्यजीवों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। भोरमदेव तालाब के समीप जंगली सुअर के शिकार से जुड़े संदिग्ध संकेत मिले हैं। इसके बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। मौके से मिले सबूतों ने शिकार की आशंका को और गहरा कर दिया है। वन विभाग के अनुसार 7 फरवरी को सूचना मिली थी कि भोरमदेव तालाब के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के निशान दिखाई दे रहे हैं। सूचना पर विभागीय अमला राजानवागांव वृत्त के दियाबार परिसर कक्ष क्रमांक- आरएफ 67 के अंतर्गत मौके पर पहुंचा। घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन अमले को जंगली सुअर के बाल का नमूना मिला। पास में लकड़ी का खूंटा, करीब 200 ग्राम आई तार बरामद हुआ है। ये सभी चीजें आमतौर पर जंगली सुअर के फंदे या शिकार में उपयोग की जाती है। जंगल में पूछताछ, मुखबिर तंत्र सक्रिय: मौके से मिली सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वन अमला आसपास के गांवों और जंगल क्षेत्र में स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रहा है। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संभावित शिकारियों की पहचान की जा रही है। विभाग को आशंका है कि यह घटना किसी संगठित या पेशेवर शिकार गिरोह से जुड़ी हो सकती है।


