राजस्थान रोडवेज में ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। अब सभी स्थानांतरण तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होंगे। पॉलिसी में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई और ईमानदार कर्मियों को प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। पॉलिसी के अनुसार बिना टिकट यात्रियों को ले जाने, कार्यस्थल पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन और स्टेपनी के दुरुपयोग जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कंडक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी। तीन या उससे अधिक बार बिना टिकट यात्रा कराते पाए जाने वाले कंडक्टरों को निलंबित किया जाएगा। निलंबन के बाद ऐसे कंडक्टर को 5 साल तक उसी डिपो और 3 साल तक उसी जोन में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। गंभीर प्रकरणों में लिप्त अन्य कार्मिकों पर भी यही प्रावधान लागू होगा। किसी भी कार्मिक का दो साल से पहले तबादला नहीं किया जाएगा। जिन कंडक्टरों की सेवानिवृत्ति में 12 माह या उससे कम समय शेष है, उन्हें आवेदन पर गृह जिले या नजदीकी डिपो में स्थानांतरण दिया जाएगा। ड्राइवरों को सहायक यातायात निरीक्षक (यांत्रिक) पद पर पदोन्नत का प्रस्ताव है। ऐसे में 54 वर्ष की उम्र और 27 साल की सेवा पूरी कर चुके ड्राइवर पदोन्नत हो सकेंगे। हालांकि, गृह जिले में तबादले के बाद यदि कोई कंडक्टर बिना टिकट, भ्रष्टाचार या गबन के प्रकरण में लिप्त पाया गया तो उसे निलंबित कर दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। टारगेट से अधिक राजस्व लाने वाले और जिनके खिलाफ कोई रिमार्क नहीं है, ऐसे कंडक्टरों को स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए पदोन्नति का रास्ता भी खोला गया है। “ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी लाूग हो गई है। अब इसी के आधार पर स्थानांतरण होंगे। ड्राइवरों की पदोन्नति का प्रस्ताव बोर्ड से पास होकर सरकार को भेजा गया है।”
-पुरुषोत्तम शर्मा, एमडी, रोडवेज


