बालोतरा पुलिस ने फर्जी वाहन चोरी दर्शाकर बीमा क्लेम लेने और उसी वाहन को डोडा पोस्त तस्करी में इस्तेमाल करने के आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 20.140 किलोग्राम डोडा पोस्त, 82 पव्वे अंग्रेजी शराब, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, तस्करी में प्रयुक्त एसयूवी और दो संदिग्ध नंबर प्लेट जब्त की हैं। एसपी रमेश ने बताया कि ऑपरेशन अश्ववेग व विषभंजन के तहत कार्रवाई की। 17 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वाहन चोरी होने की सूचना सामने आई। बताया गया कि 16-17 जनवरी की रात्रि को पनावड़ा क्षेत्र में घर के बाहर खड़ी एसयूवी को चोर चोरी कर ले गए। इस संबंध में वाहन मालिक हनुमानराम उर्फ हरीश ने बायतु थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की गई। इसी दौरान 3 फरवरी को डीएसटी से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित तगाराम पुत्र नैनाराम की किराए की फैक्ट्री पर दबिश दी। दबिश के दौरान फैक्ट्री से 20.140 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त एवं 82 पव्वे अंग्रेजी शराब बरामद की गई। फैक्ट्री परिसर में खड़ी एसयूवी की तलाशी लेने पर वाहन के अंदर बिखरा हुआ 180 ग्राम डोडा पोस्त तथा दो अलग-अलग संदिग्ध रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट बरामद हुईं। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी तगाराम मौके से फरार हो गया।बरामदगी के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट, राजस्थान आबकारी अधिनियम एवं बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जब्त गाड़ी के चेसिस नंबर देखने से खुली साजिश पुलिस द्वारा जब्त की गई गाड़ी के चेसिस नंबर का मिलान करने पर यह स्पष्ट हुआ कि वही वाहन थाना बायतु में दर्ज चोरी के प्रकरण से संबंधित है। इसके बाद वाहन मालिक हनुमानराम उर्फ हरीश से पूछताछ की गई।पूछताछ के दौरान हनुमानराम ने स्वीकार किया कि उसने फाइनेंस लोन की राशि हड़पने की नीयत से अपने रिश्तेदार एवं हिस्ट्रीशीटर तगाराम के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से वाहन चोरी की झूठी कहानी गढ़ी। योजना के तहत एसयूवी को मादक पदार्थ तस्करी में इस्तेमाल किया गया तथा बीमा क्लेम प्राप्त करने के उद्देश्य से थाने में झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई। पुलिस ने मामले में संलिप्त पाए जाने पर आरोपी हनुमानराम उर्फ हरीश को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।


