भास्कर न्यूज़ | भीलवाड़ा पारीक भवन में भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। कथा व्यास आचार्य विजय कृष्ण पारीक ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। झांकी का प्रदर्शन कराया। आचार्य विजय कृष्ण पारीक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म माता देवकी और वसुदेव के घर हुआ, लेकिन उनका लालन-पालन नंद बाबा और माता यशोदा ने किया। श्रीकृष्ण का जन्म मानव जीवन में आनंद, सुख और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से हमें प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश मिलता है। प्रहलाद जन्म और अवतार का उदाहरण देते हुए बताया कि माता-पिता के संस्कार संतान के जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं।


