आदिवासी क्षेत्रों के 63 हजार घरों में पहुंचेगी बिजली:जनजातीय कार्य, महिला बाल विकास की 10 योजना 2031 तक बढ़ीं, 7133 करोड़ मंजूर

राज्य सरकार ने आदिवासी के हित से जुड़ी 9 सरकारी योजनाओं और महिला बाल विकास विभाग की एक सरकारी योजना को अगले पांच साल यानी 2030-31 तक जारी रखने के लिए मंगलवार को 7133.17 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इन योजनाओं का कार्यकाल मार्च 2026 में खत्म हो रहा था, अब यह सभी योजनाएं मार्च 2031 तक लगातार जारी रहेंगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बिजली की पहुंच से दूर आदिवासी क्षेत्रों को रोशन करने के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 63 हजार 77 घरों और 650 सरकारी संस्थानों तक ग्रिड आधारित बिजली पहुंचाने के लिए 366.72 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। इस अभियान में 220.03 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी। वहीं मप्र सरकार 146.69 करोड़ रुपए का अंशदान मिलाएगी। इसके साथ ही ऐसे बसाहट जहां विद्युत लाइन नहीं पहुंच सकती है, ऐसे 8521 घरों को ऑफ ग्रिड सोलर विद्युतीकरण योजना के तहत सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए 97 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इन परिवारों को सरकारी खर्च पर सोलर लाइट और एक किलोवाट क्षमता की बैटरी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें वे घर शामिल हैं जो खेतों या पहाड़ी क्षेत्रों में बने हैं, लेकिन 5 से कम संख्या में हैं। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को यह निर्णय लिए गए हैं। इन योजनाओं को मिली 2030-31 तक के लिए मंजूरी
जनजातीय कार्य विभाग पीवीटीजी आहार अनुदान योजना – 2,350 करोड़ रुपए
एकीकृत छात्रावास योजना – 1,703 करोड़ 15 लाख रुपए
सीएम राइज विद्यालय योजना – 1,416 करोड़ 91 लाख रुपए
आवास सहायता योजना – 1,110 करोड़
माशिमं को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (अजा व अजजा), अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना और कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति योजना के लिए – 522 करोड़ 8 लाख रुपए (इसमें शुल्क प्रतिपूर्ति व अन्य छात्रवृत्तियां भी शामिल है)
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (ग्रिड विद्युतीकरण) – 366 करोड़ 72 लाख रुपए
ऑफ-ग्रिड सोलर विद्युतीकरण योजना – 97 करोड़ रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग: मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना – 31 करोड़ 3 लाख रुपए अदालतों में कंप्यूटर ऑपरेटर पदों की भर्ती में मिलेगी 5 साल की छूट कैबिनेट ने मप्र हाई कोर्ट और जिला अदालतों में आईटी संवर्ग के तहत होने वाली कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती में आयु सीमा में 5 साल की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह छूट सिर्फ एक बार ही मिलेगी। वर्तमान में न्यायपालिका में तकनीकी संवर्ग में सामान्य वर्ग के लिए भर्ती की आयु सीमा 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष है। दोनों ही वर्गों को इसमें 5-5 साल का लाभ मिल सकेगा।

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