मप्र सरकार की सबसे प्राथमिकता वाले महर्षि सांदीपनि स्कूल में शामिल प्रावि स्कूल को कुछ लोगों ने मवेशियों का तबेला बना दिया। शहर के बीचोबीच संचालित हो रहे शासकीय प्रावि नूतन देसाई नगर के 136 बच्चों की गोबर व गंदगी के ढ़ेर के पास ही क्लास लगाना पड़ रही है। दुर्गंध के बीच ही उन्हें मध्याह्न भोजन करना पड़ रहा है। खास बात यह हैं कि देसाईनगर वाला यह प्रावि स्कूल महर्षि सांदीपनि जाल सेवा निकेतन उमावि में शामिल है। शहर के बीचोबीच बने इस स्कूल में पिछले 6 माह से कुछ लोग मवेशी रोक रहे है। अतिक्रमणकर्ताओं ने पास में बने खंडहर व स्कूल भवन के बीच पुलिस के बैरिकेड्स बांधकर मवेशियों का अघोषित तबेला बना लिया। रात में यहां मवेशियों को छोड़ दिया जाता है और सुबह होते ही बाहर निकाल दिया जाता है। 5 शिक्षकों के स्टॉफ वाले इस स्कूल के परिसर में जबरन बनाए गए तबेले को लेकर विभाग ने भी ध्यान देना उचित नहीं समझा। अतिक्रमणकर्ताओं की धौंस ऐसी हैं कि स्टॉफ सदस्यों ने भी मवेशियों रोकने वालों के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटाई। स्कूल परिसर शरारती तत्वों का अड्डा, आए दिन शराब पार्टी नूतन देसाई नगर स्कूल परिसर शरारती तत्वों को अड्डा भी है। यहां गेट नहीं होने के कारण रात में शरारती तत्व घूस जाते है। स्कूल के गेट व सामने पड़े खुली जगह में ही शराब पार्टी होती है। सुबह स्कूल पहुंचते समय शिक्षक व बच्चों को शराब की बॉटल के कांच को ध्यान रखते हुए स्कूल के अंदर जाना पड़ता है। तत्काल चैक कराएंगे ^यदि स्कूल परिसर को मवेशी का बाड़ा बना लिया है, तो बहुत गलत है। बीआरसी को भेजकर इसे तत्काल चैक कराएंगे। अतिक्रमण कर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -महेंद्र खत्री, प्रभारी डीईओ


