अस्पताल, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग, जेल, थानों को छोड़ सरकारी दफ्तरों में 15 से प्री-पेड मीटर जरूरी

भास्कर न्यूज |लुधियाना बिजली बिलों की बढ़ती बकाया राशि और अनुशासनहीन भुगतान व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने बड़ा फैसला लिया है। जिले के 2,500 से अधिक सरकारी दफ्तरों में 15 फरवरी से प्री-पेड स्मार्ट बिजली मीटर प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत अब सरकारी विभागों को बिजली इस्तेमाल करने से पहले भुगतान करना होगा। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला राज्यभर में सरकारी विभागों द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर बिजली डिफॉल्ट को देखते हुए लिया गया है। पीएसपीसीएल के मुताबिक, पंजाब में सरकारी विभागों पर कुल बकाया बिजली बिल 300 करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। अकेले लुधियाना जिले में नवंबर 2025 तक सरकारी विभागों पर करीब 302 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया था। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने रिकवरी प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्री-पेड मीटर व्यवस्था केवल गैर-आवश्यक सरकारी सेवाओं पर लागू होगी। जिले में मौजूद करीब 7,400 सरकारी बिजली कनेक्शनों में से लगभग 4,862 कनेक्शन आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं, जैसे अस्पताल, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइटिंग, जेल और पुलिस थाने। इन सेवाओं को प्री-पेड मीटर व्यवस्था से बाहर रखा गया है, ताकि आपातकालीन और जरूरी सेवाओं पर कोई असर न पड़े। पीएसपीसीएल ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सरकारी कार्यालय या परिसर में केवल एक ही बिजली कनेक्शन की अनुमति होगी। ग्रिड स्टेशनों, सब-डिवीजन कार्यालयों और नजदीकी बोर्ड दफ्तरों में भी यही नियम लागू रहेगा। यदि किसी स्थान पर एक से अधिक या डुप्लीकेट कनेक्शन पाए जाते हैं, तो उन्हें हटाकर एकल कनेक्शन प्रणाली लागू की जाएगी। पीएसपीसीएल के मुताबिक पंजाब सरकार के सभी कनेक्शनों पर प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने की रूपरेखा स्पष्ट की है। यह नीति 15 फरवरी से लागू होगी। इसके तहत 45 केवीए तक स्वीकृत लोड वाले सरकारी दफ्तरों में सिंगल फेज (7 किलोवाट तक) और थ्री फेज (7 किलोवाट से 45 केवीए तक) के प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। नई गाइडलाइंस के अनुसार स्मार्ट प्री-पेड मीटर सरकारी दफ्तरों के अंदर नहीं, बल्कि बाहर खंभों, पिलर बॉक्स या मेटल मीटर बॉक्स में लगाए जाएंगे। इसका मकसद मीटर से छेड़छाड़ रोकना और आसान निरीक्षण सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही बिजली बिलिंग पूरी तरह पेपरलेस होगी। मासिक जानकारी, बिल और अलर्ट एसएमएस, ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिए भेजे जाएंगे। प्री-पेड मीटर में न्यूनतम रिचार्ज राशि 1,000 रुपए तय की गई है। जब बैलेंस 50%, 25% और 10% तक पहुंचेगा, तो सिस्टम अपने आप अलर्ट भेजेगा। बैलेंस शून्य होने पर बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाएगी, हालांकि कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली काटी जाएगी और रिचार्ज के तुरंत बाद बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। 1% की छूट भी मिलेगी: पीएसपीसीएल ने प्री-पेड व्यवस्था अपनाने वाले सरकारी विभागों को ऊर्जा शुल्क पर 1 प्रतिशत की छूट देने की भी घोषणा की है। बिजली चोरी और मीटर से छेड़छाड़ रोकने के लिए सभी स्मार्ट प्री-पेड मीटर दफ्तरों के बाहर खंभों या पिलर बॉक्स पर लगाए जाएंगे। पीवीसी केबल को छत या टैरेस के ऊपर से ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *