राजधानी रांची में नगर निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है। गली-मुहल्लों में चुनावी शोर गूंजने लगे हैं। लेकिन इस बार चुनाव प्रचार में पुरुषों से अधिक महिलाएं दिख रही हैं। घर की देहरी लांघकर अब आधी आबादी मुहल्ले की चौखट तक पहुंच रही है। घर की जिम्मेदारी के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, शहर की सरकार का हिस्सा बनने का मंसूबा लेकर महिला प्रत्याशी मैदान में उतरी हैं। चुनाव दर चुनाव महिलाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। राज्य गठन के बाद पहली बार वर्ष 2008 में नगर निगम का चुनाव हुआ था। उस समय 55 वार्डों में कुल 1101 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसमें 753 पुरुष और महज 348 महिलाएं थी, जो कुल प्रत्याशी का महज 32 प्रतिशत था। लेकिन वर्ष 2013 में हुए नगर निगम चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई। कुल 561 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसमें 205 महिलाएं थीं। वहीं, 2018 में हुए नगर निगम के तीसरे चुनाव के दौरान वार्डों की संख्या घटकर 53 हो गई। उस समय कुल 479 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। वार्ड नंबर 19 से मात्र एक प्रत्याशी रोशनी खलखो निर्विरोध चुनाव जीती थीं, शेष बचे 478 प्रत्याशियों में 213 महिलाएं थीं। मतलब महिला प्रत्याशी की संख्या बढ़कर 44.56 प्रतिशत हो गई। इस बार के चुनाव में 53 वार्डों में कुल 364 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसमें 228 महिला प्रत्याशी हैं, जो कुल प्रत्याशी का 62.5 प्रतिशत है। इससे साफ है कि चुनाव दर चुनाव शहर की सरकार का हिस्सा बनने के लिए महिला प्रत्याशियों की सहभागिता बढ़ती जा रही है। कभी महज 32 प्रतिशत तक सिमटी महिला भागीदारी आज 62 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। चुनावी सरगर्मी के बीच यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि सोच, साहस और नेतृत्व के विस्तार की कहानी कह रहा है। क्योंकि,घर संभालने वाली महिलाएं अब मोहल्ला, वार्ड और शहर की दिशा तय करने को तैयार दिख रही हैं। ऐसे वार्ड वार खड़ी हैं प्रत्याशी
वार्ड कुल महिला प्रत्याशी 1 04 01 2 06 06 3 07 07 4 12 04 5 07 03 6 05 05 7 06 06 8 11 11 9 07 07 10 08 08 11 05 02 12 04 03 13 07 04 14 06 06 15 06 06 16 05 02 17 02 02 वार्ड कुल महिला प्रत्याशी 18 04 01 19 04 04 20 04 00 21 04 01 22 05 01 23 05 05 24 10 02 25 15 15 26 04 00 27 04 04 28 04 04 29 05 00 30 04 04 31 09 04 32 16 05 33 04 04 34 22 05 35 04 04 36 04 04 37 04 00 38 05 02 39 06 06 40 04 02 41 04 02 42 12 12 43 06 01 44 06 01 45 11 02 46 11 11 47 03 02 48 11 04 49 08 08 50 14 14 51 06 03 52 07 01 53 07 07 50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने से बढ़ा रुझान
प्रतिशत 2018 में 213 महिलाएं लड़ी थीं चुनाव, 2026 में 228 हो गई संख्या 2013 में हुए नगर निकाय चुनाव में 41 प्रतिशत थीं महिला प्रत्याशी रांची में वर्ष 2008 में महिलाओं के लिए मात्र 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था थी। इस वजह से 2008 में हुए चुनाव में मात्र 15 महिलाएं जीत कर आई थीं। इसके बाद 2013 में हुए चुनाव में महिला पार्षदों की संख्या बढ़कर 15 से 27 हो गई। लेकिन इसके बाद महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। मतलब कुल वार्ड का 50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया। इसका साफ असर 2018 के चुनाव में दिखा, जब महिलाओं के लिए आरक्षित 26 सीटों के मुकाबले कुल 33 महिलाएं जीतकर आईं। सामान्य व पुरुषों की सीट से भी महिलाएं जीतकर आई। इससे साफ है कि शहर की राजनीति में महिलाओं का दबदबा बढ़ता जा रहा है।


