राजस्थान सरकार का बजट बुधवार को पेश किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश के साथ-साथ उदयपुर को भी नई उम्मीदें हैं। हालांकि, बीते साल के बजट में भी उदयपुर के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गई थीं। इनमें ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट, इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस, नाइट टूरिज्म, वैदिक गुरुकुल, वैदिक पर्यटन केंद्र सहित कई प्रोजेक्ट शामिल थे। सरकार और सत्ताधारी दल ने उस समय इन योजनाओं को लेकर बड़े दावे किए थे, लेकिन भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इनमें से अधिकांश योजनाएं आज भी घोषणाओं और फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। 1. ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ऋषभदेव सहित दक्षिणी राजस्थान के धार्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने के लिए 100 करोड़ का ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव था। 2. इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस
उदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस खोलने की घोषणा हुई थी। इसके लिए एमपीयूएटी के सीटीएई परिसर को चिह्नित किया गया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। 3. वैदिक पर्यटन केंद्र
वैदिक शिक्षा और संस्कृति के प्रचार के उद्देश्य से वैदिक गुरुकुल व पर्यटन केंद्र की घोषणा की गई थी, लेकिन न तो जमीन चिह्नित हुई और न ही बजट जारी किया गया। 4. पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
संभाग में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की थी। अभी पैरा बॉक्सिंग रिंग और टॉयलेट्स ही उपलब्ध कराए गए हैं। 5. बलीचा तिराहे पर फोर-लेन फ्लाईओवर इस फ्लाईओवर के लिए राज्य सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया। 6. मेडिकल कॉलेज में स्पाइनल इंजरी सेंटर आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 120 बेड क्षमता वाले स्पाइनल इंजरी सेंटर का विस्तार किया जाना था, ताकि गंभीर मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।


