झील विकास समिति की बैठक में कलेक्टर की सख्ती:झीलों में पेट्रोल-डीजल वाली नावों के नए लाइसेंस बंद, पुरानी होंगी सीज

लेकसिटी की झीलों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल से चलने वाली नावों पर सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर नमित मेहता ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि न्यायालय के आदेशों को ध्यान में रखते हुए झीलों में पेट्रोल-डीजल चालित नावों के नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएं, वहीं वर्तमान में संचालित ऐसी नावों को चरणबद्ध तरीके से सीज किया जाए। मंगलवार को जिला स्तरीय झील विकास समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर ने कहा कि झीलों को प्रदूषण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि फतहसागर झील में सभी नावें इलेक्ट्रिक हैं, लेकिन पिछोला झील में आज भी कई होटलों की पेट्रोल से चलने वाली नावें संचालित हो रही हैं। फतहसागर और पिछोला झील में प्रतिदिन औसतन करीब 3.5 हजार पर्यटक बोटिंग करते हैं। ऐसे में झीलों को प्रदूषण मुक्त रखने का दावा फिलहाल कमजोर नजर आता है। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि पेट्रोल-डीजल चालित नावें बंद करने के लिए बड़े होटलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नोटिस की पालना नहीं करने वालों की नावें सीज की जाएं। नियमों पर मंथन, झीलों की निगरानी करेंगे होमगार्ड बैठक में नावों के वार्षिक लाइसेंस नवीनीकरण, रूट निर्धारण, सूर्यास्त के बाद संचालन, सोलर डबल डेकर क्रूज को ट्रायल अनुमति, होटलों में शादी-समारोहों के दौरान नावों के उपयोग पर शुल्क निर्धारण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कलेक्टर मेहता ने सभी कार्रवाई नियमों के तहत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही झीलों की निगरानी के लिए प्रशिक्षित होमगार्ड्स की तैनाती, पेट्रोलिंग बोट और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तथा झील किनारे पिंक टॉयलेट निर्माण पर भी विचार किया गया। फतहसागर रिंगरोड पर अब 30 की स्पीड लिमिट तय जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फतहसागर रिंग रोड पर 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड लिमिट तय करने और पायलट प्रोजेक्ट के तहत फतहसागर की पाल को नो-व्हीकल जोन बनाने का अहम निर्णय लिया गया। लोगों की सहूलियत के लिए कलेक्टर ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि रिंग रोड पर जगह-जगह स्पीड लिमिट के सूचना बोर्ड लगाएं और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी करें। मत्स्य ठेकों के आंशिक विकल्प पर भी विचार पिछोला, फतहसागर और बड़ी झील में मत्स्य ठेके बंद करने के मुद्दे पर भी मंथन हुआ। झील संरक्षण से जुड़े संगठनों की आपत्तियों और मछलियों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने मत्स्य विभाग को आंशिक मत्स्याखेट ठेके देने के विकल्प पर विचार करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, यूडीए आयुक्त राहुल जैन, एडीएम सिटी जितेन्द्र ओझा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। फतहसागर में 14 इलेक्ट्रिक, पिछोला में 35 पेट्रोल बोट फतहसागर झील में मोती मगरी पॉइंट से 7 और नेहरू गार्डन के लिए 7 इलेक्ट्रिक नावें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा मुंबइया मार्केट के सामने भी 7 इलेक्ट्रिक नावें चलाने की योजना है। दूसरी ओर पिछोला झील में विभिन्न होटलों की कुल 59 नावें संचालित हैं, जिनमें 35 पेट्रोल, 17 इलेक्ट्रिक और 7 मैन्युअल नावें शामिल हैं। नगर निगम ने पिछोला झील में पर्यटकों के लिए 15 इलेक्ट्रिक नावों का टेंडर भी निकाल रखा है।

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