तीन साल बाद फरवरी में सामान्य से ज्यादा तापमान, फसलों को नुकसान

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। उधर, मंगलवार को पूर्वी हवाएं चलने व हल्की बादलवाही के कारण मौसम में बदलाव आया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान भी गत दिवस से 0.6 डिग्री गिरकर 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर धूप खिली रही, लेकिन पूर्वी हवाएं चलने से हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा। मौसम के बदलते तेवर से किसान चिंता में हैं। कारण कि अभी फसलें पकाव पर हैं और कई जगह सरसों की कटाई भी शुरू हो चुकी है। आत्मा उप परियोजना निदेशक के सुदेश कुमार ने बताया कि आम तौर पर फरवरी के आखिरी महीने तक ठंड बनी रहती है, लेकिन इस साल जनवरी के आखिरी सप्ताह से ही सर्दी गायब होने लगी है। ठंड जाने और तापमान में बढ़ोतरी का असर रबी सीजन की फसलों गेहूं व चना पर पड़ेगा। गेहूं की दूधिया अवस्था में दानों में दूध बनते समय अगर तापमान में वृद्धि होती है तो दानों का साइज छोटा रह जाता है, जिससे उपज कम होती है। वर्ष 2023 में भी तापमान में बढ़ोतरी की वजह से फसलों को नुकसान हुआ था। इसलिए विभाग की ओर से किसानों को 15 दिन के अंतराल में दो बार फसलों पर पोटेशियम नाइट्रेट का स्प्रे करने की सलाह दी जा रही है। भास्कर ने बीते 7 वर्षों के फरवरी माह में 5,6 व 7 तारीख के तापमान की पड़ताल की तो सामने आया कि वर्ष 2020 में 5 फरवरी को अधिकतम तापमान 16.9, 6 को 19.4, 7 को 21.5 था। इसी तरह वर्ष 2021 में 5 फरवरी को 22.5, 6 को 22.1, 7 को 20.5 रहा। वर्ष 2022 में 5 फरवरी को 21.2, 6 को 20.1, 7 को 20.5 रहा। वर्ष 2023 में 5 फरवरी को 27.4, 6 को 29.5, 7 को 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वर्ष 2024 में 5 फरवरी को 18.0, 6 को 18.6 व 7 फरवरी को 21.1 डिग्री दर्ज हुआ। वर्ष 2025 में 5 फरवरी को 24.4, 6 को 24.4 व 7 फरवरी को 23.8 रहा। वहीं, वर्ष 2026 में 5 फरवरी को 22.1, 6 को 25.2 व 7 फरवरी को 27.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ है। यानी वर्ष 2023 में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ था, इसके बाद अब फरवरी 2026 में अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना हुआ है। भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग मिजाज आमजन की सेहत की परीक्षा ले रहे हैं, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रहा है। वजह है तापमान में अचानक बढ़ोतरी होना। क्षेत्र में बीते 1 फरवरी से 10 फरवरी के तापमान पर नजर डालें तो सामने आया कि अधिकतम तापमान 20.5 से 27 डिग्री तक रहा है। जबकि न्यूनतम तापमान बीते तीन दिन से 10.7 से 11.5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मंगलवार को दिन और रात के तापमान में 14.2 डिग्री का अंतर रहा है। मौसम में अचानक आ रहे इस बड़े उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। श्रीगंगानगर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.7 व न्यूनतम 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। कृषि विभाग किसानों को फसलों पर पोटेशियम नाइट्रेट का स्प्रे करने की सलाह दे रहा है, ताकि फसलों को गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। हालांकि मंगलवार शाम को मौसम पलटा और बादलवाही के बाद हल्की बूंदें भी गिरीं। फसलें पकाव पर हैं और किसान चिंतित हैं। अब बारिश का नुकसान ही है। अगले 2-3 दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है।

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