शहर में बाढ़ के बावजूद ड्रेनेज सिस्टम नहीं सुधरा

भास्कर संवाददाता | पाली बतौर वित्त मंत्री डिप्टी सीएम दिया कुमारी राज्य का बजट बुधवार सुबह 11 बजे पेश करेंगी। इस बजट से पाली को काफी उम्मीदें है, क्योंकि पिछले 3 सालों से पाली का बाढ़ के चलते ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से बिखरा पड़ा है। ड्रेनेज के लिए विशेष बजट, पाली विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालय व मल्टीपरपज ऑडिटोरियम, बांगड़ अस्पताल के लिए बहुप्रतीक्षित एमआरआई मशीन, प्रदूषण की समस्या के समाधान, बांडी नदी पर पुलिया निर्माण व रिवर फ्रंट जैसी बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीदें हैं। इसके अलावा हाइफा हीरो दलपतसिंह को लेकर पेनोरमा, नए टांसपोर्ट नगर, बांगड़ कॉलेज में स्टेडियम बनाने, नगर निगम के लिए 50 करोड़ का विशेष पैकेज भी इस बजट में मिल सकता है। एक तरफ राज्य बजट में बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन दूसरी तरफ निराशा यह भी है कि पिछले बजट की घोषणाएं अभी अधूरी ही पड़ी है। ऐसे में इन घोषणाओं का काम अब धरातल आएगा। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से लेकर सांसद पीपी चौधरी सहित 5 विधायक भी भाजपा के हैं। पाली भाजपा का गढ़ ही माना जाता है। ऐसे में इस बजट में जिलेवासियों को बड़ी घोषणाओं की उम्मीदें हैं। { 21.25 करोड़ : गुडाएंदला-कीरवा में फिल्टर प्लांट व 11 गांवों को पेयजल आपूर्ति प्रोजेक्ट। { 8.43 करोड़ : पाली के 10 व रानी के 2 गांवों को गुंदोज ऑफटेक में सोडावास फिल्टर प्लांट से जोड़कर पेयजल सुधार कार्य। { 15.76 करोड़ : सोजत रोड पर 2.8 एमएलडी का रेपिड ग्रेविटी जल शोधन संयंत्र, स्वच्छ जलाशय व राइजिंग पाइपलाइन का निर्माण कार्य कंटालिया बांध से सोजत रोड की जलापूर्ति कार्य। { 5.90 करोड़ : मारवाड़ जंक्शन के फुलाद बांध पर रेपिड ग्रेविटी जल शोधन संयंत्र, स्वच्छ जलाशय, पंप हाउस व राइजिंग पाइपलाइन का निर्माण कार्य करके ग्राम पंचायत फुलाद के 6 गांवों को पेयजल उपलब्ध करवाना था। { 13.8 करोड़ : मारवाड़ जंक्शन को जाडन से जवाई बांध का पानी उपलब्ध करवाने का कार्य। { नगर निगम में सीवरेज की सफाई के लिए सुपर सोकर मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। { 720 करोड़ के प्रोजेक्ट में पाली भी शामिल था, लेकिन पाली में एक ड्रेनेज को लेकर एक भी कार्य नहीं हुआ। { बांगड़ स्टेडियम में ग्रास ग्राउंड, अभी अधूरा ही पड़ा है, पाली में स्पोर्ट्स स्कूल नहीं खुला। { खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए पाली में प्रयोगशाला की स्थापना नहीं हुई। { जवाई नहर जीर्णोद्धार के लिए 2,280 करोड़ की घोषणा हुई थी। जवाई बांध से जोधपुर तक 194 किमी नहर का जीर्णीद्धार होना था, अभी तक डीपीआर तक नहीं बनी। { 150 करोड़ से जोधपुर-रोहट- पाली-मारवाड़ क्षेत्र में मारवाड़ इंडस्ट्रीयल क्लस्टर में आधारभूत सुविधा के लिए खर्च होने है। लेकिन अभी यहां सिर्फ झाड़ियां उगी हुई हैं। { रोहट क्षेत्र के 79 गांवों के लिए पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए दूसरे में आरजीएलसी स्त्रोत पीएस-8 से रोहट तक राइजिंगमेन पाइपलाइन फेज द्वितीय के का कार्य 75.52 करोड़ रुपए से होना है। बजट तक नहीं मिला। { माही व सोम नदी के मानसून अवधिक के अधिशेष जल को जवाई बांध तक लाने के लिए 7 हजार करोड़ कार्य, जिसमें पाली, उदयपुर, सिरोही व जोधपुर भी शामिल थे, एक भी कार्य नहीं हुआ। { बांडी नदी तो 35 करोड़ कांग्रेस सरकार में स्वीकृत हुए, लेकिन अभी तक एक भी पत्थर नहीं लगा, तीन बार टेंडर लगे, लेकिन इसके बाद ही पूरा कार्य रद्द कर दिया। अब नए सिरे से बजट आने पर ही काम हो सकेगा।

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