दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद मनोज मिश्रा से सीधी बात:बोले- नर्मदा-विहीन कॉलोनियों में नर्मदा पहुंचाई, लगातार लोगों के संपर्क में रहता हूं

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 33 पहुंचे हैं, जहां से मनोज रामकिशोर मिश्रा पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: हमारे वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है नर्मदा। मेरे मन में विचार था कि अगर मैं पार्षद बनूंगा तो सबसे पहले पानी की समस्या को हल करेंगे। पार्षद बनने के बाद लाहिया कॉलोनी, कबीडखेड़ी, शारदा नगर, स्वास्थ्य नगर, संस्कृति नगर में नर्मदा पहुंचाई है। ये नर्मदाविहीन कॉलोनियां थी। यहां पर एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: अधूरे काम की बात करें तो वह भी नर्मदा से जुड़े कार्य हैं। पहला, मेरे वार्ड में नर्मदा की टंकी नहीं है। अमृत-2 योजना में नर्मदा की टंकी प्रस्तावित की गई है। अभी जो चर्चा चल रही है, उसके अनुसार आने वाले समय में उसका टेंडर होगा। जोन क्रमांक-5 की सुखलिया टंकी से जो पानी की सप्लाई होती है, उसके लिए नई लाइन डाली जा रही है। वह काम अभी अधूरा है। ठेकेदार ने टेंडर तो ले लिया है, लेकिन काम धीमी गति से कर रहा है, इसलिए यह काम अधूरा है। यह काम पूरा होने से गंदे पानी की समस्या और कम प्रेशर की परेशानी से भी निजात मिलेगी। अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की शिकायतों की बात करें तो सबसे अधिक ड्रेनेज से जुड़ी शिकायतें आती हैं। जब ड्रेनेज चौक हो जाती है, तो लोग फोन कर सूचना देते हैं कि नाली जाम हो गई है। भागीरथपुरा की घटना के बाद से जनता ज्यादा अलर्ट हो गई है। कहीं गंदा पानी आ रहा हो या नर्मदा के पानी में बदबू आ रही हो, तो लोग तुरंत फोन कर शिकायत दर्ज कराते हैं। हम मौके पर पहुंचकर सबसे पहले ड्रेनेज लाइन की जांच करते हैं। ड्रेनेज लाइन साफ होते ही गंदे पानी की समस्या दूर हो जाती है। कभी-कभी स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायतें भी आती हैं। सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ? जवाब: नए प्रयोग तो विशेष रूप से नहीं किए गए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारा सबसे बड़ा प्रयोग यही है कि हम जनता के जनप्रतिनिधि हैं। पार्षद जैसा पद जनता ने हमें चुनकर दिया है। नगर निगम से जुड़ी समस्याएं पिछले कई सालों से चली आ रही हैं। मैंने तत्कालीन महापौर मधुकर वर्मा के कार्यकाल का समय भी देखा है, जब इंदौर में डामर की सड़कों की ही कल्पना की जाती थी और सीमेंट की सड़कें नहीं बनती थीं। इसके बाद जब कैलाश विजयवर्गीय महापौर बने, तब उन्होंने इंदौर में विकास किस तरह होता है, यह सिखाया। मेरा मानना है कि पार्षद बनने के बाद भी यदि नगर निगम की समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं, तो सबसे पहला कर्तव्य यह होता है कि जब जनता आपको बुलाए, तो आप उनके बीच जाकर उनसे मिलें और उनकी समस्याएं सुनें। जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उन्होंने सही पार्षद चुना है। मेरा यही प्रयोग रहा है कि मैं वार्ड में निरंतर लोगों के संपर्क में रहता हूं। पूरे वार्ड में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जो मेरे संपर्क में न हो। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया? जवाब: मेरा वार्ड काफी पुराना है। यहां अधिकतर हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां हैं। मेरे पूर्व के पार्षद भी होनहार और मजबूत रहे हैं, जिनमें काम करने का गुण था। राजेंद्र राठौर और चंदू शिंदे जैसे पार्षद यहां रह चुके हैं, जिनके कार्यकाल में काफी विकास कार्य हुए हैं। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या? जवाब: नर्मदा के पानी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि यहां दो स्थानों से नर्मदा जल की आपूर्ति होती है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में सुखलिया टंकी से कई सालों से नियमित रूप से पानी सप्लाई किया जा रहा है, जहां प्रॉपर नल से पानी आ रहा है। वहीं लाहिया कॉलोनी और शारदा नगर में स्कीम नंबर-136 की टंकी से एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। बीच में पुरानी लाइनों में दिक्कत आने के कारण कुछ इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इन पुरानी लाइनों को बदलने का काम फिलहाल जारी है।
सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: अगले छह महीनों के रोडमैप की बात करें तो संजीवनी से जुड़ा काम पहले लंबित था, जिसका टेंडर अब हो चुका है। इंदौर में फिलहाल यही एकमात्र स्थान है, जहां संजीवनी का टेंडर हाल ही में हुआ है। अब यहां संजीवनी का काम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए हमारे पास पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके अलावा कबीडखेड़ी में बनाए गए श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू किया जाना है। वहां अभी सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जैसे चौकीदार की झोपड़ी और लकड़ी-कंडे रखने की व्यवस्था। इन सभी व्यवस्थाओं के लिए फाइल बन चुकी है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। न्याय नगर के सौंदर्यीकरण को लेकर महापौर और विधायक रमेश मेंदोला से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण भी कर लिया है। न्याय नगर का सौंदर्यीकरण होना एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि यहां वीआईपी मूवमेंट रहता है। इसके अलावा छह गलियों के सौंदर्यीकरण का काम अगले महीने शुरू किया जाएगा। जो कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

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