26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंकाने वाले बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार रात अपने सरकारी आवास पहुंचे। यह मौका उनके लिए काफी भावुक कर देने वाला था, क्योंकि वह अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर इस घर को हमेशा के लिए अलविदा कह रहे थे। सामान पैक करते समय उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने भावुक मन से कहा- बरेली के लोगों ने उन्हें जो प्यार और अपनापन दिया है, उसे वह कभी नहीं भूल सकते। इस शहर और इस घर से उनकी अनगिनत यादें जुड़ी हुई हैं। नए आने वाले अधिकारी को दी शुभकामनाएं
अपना सरकारी बंगला खाली करते वक्त अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- आज का दिन मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण है। जब भी आप किसी घर को खाली करते हैं, तो दुख तो होता ही है। मैं इस घर को और यहां की मिट्टी को सैल्यूट करना चाहता हूं, क्योंकि यहां रहते हुए मुझे अपार जनसमर्थन और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिला। उन्होंने आगे कहा- अब इस घर में जो भी नया अधिकारी रहने आएगा, मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। ईश्वर उन्हें खूब तरक्की दे। जाते-जाते उन्होंने साफ किया कि भले ही वह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं, लेकिन बरेली से उनका रिश्ता बना रहेगा और वह यहां आते-जाते रहेंगे। यूजीसी नियमों और एससी-एसटी एक्ट को लेकर अभी भी अडिग अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देने की मुख्य वजह यूजीसी (UGC) नियमों में हुए बदलाव को बताया था, जिससे वह काफी आहत थे। गणतंत्र दिवस पर उनके इस कदम से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। घर खाली करते समय भी उनके तेवर स्पष्ट दिखे। उन्होंने एक बार फिर अपनी मांगों को दोहराते हुए एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट को वापस लेने की बात कही। अपने आवास से निकलते समय उन्होंने ‘जय हिंद, जय भारत’ के नारे के साथ बरेली को अंतिम विदाई दी।


