मऊगंज उपजेल में कैदियों से अवैध वसूली और मारपीट का मामला सामने आया है। एक प्रहरी पर कैदियों और उनके परिजनों से पैसे वसूलने, मारपीट करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पैसे के लेनदेन का वीडियो कैदी ने खुद भास्कर रिपोर्टर को दिया। वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार देर रात जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। आरोपी प्रहरी प्रकाश सिंह बघेल को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला जेल अनूपपुर निर्धारित किया गया है। यह कार्रवाई कैदी की ओर से कलेक्टर को की गई शिकायत और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर की गई है। जेल प्रहरी पर मारपीट और वसूली का आरोप चितईपुरवा गांव निवासी कैदी अम्ब्रीश द्विवेदी ने मऊगंज कलेक्टर को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया कि 16 दिसंबर को जेल लाए जाने के बाद प्रहरी ने उन्हें करीब दो घंटे तक पीटा। इसके बाद परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर धमकी दी गई कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो और प्रताड़ना की जाएगी। कैदी ने बताया हर मुलाकात में परिजनों से पैसे लिए शिकायत के अनुसार, परिजनों से नकद और ऑनलाइन के जरिए लगभग 40 हजार रुपए लिया गया। इसके अलावा, हर मुलाकात पर 1000 से 4000 रुपए तक वसूले जाते थे। कैदी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रहरी अन्य बंदियों से भी पैसे लेकर नशे की सामग्री उपलब्ध कराता था और जेल में खाने की गुणवत्ता बेहद खराब थी। निरीक्षण से पहले बंदियों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। जेल अधीक्षक बोले-प्रहरी पर पहले भी इस तरह के आरोप मामले में केंद्रीय जेल अधीक्षक की ओर से प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने आरोपी प्रहरी को निलंबित कर दिया। अधीक्षक ने बताया कि इस प्रहरी पर पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है।


