कोटा को इस बार राज्य बजट से काफी उम्मीद है। जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जनता की पर्यटन क्षेत्र को लेकर बड़ी सौगात की मांग है। कोटा में जनवरी में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की ओर से तीन दिवसीय हाड़ौती ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया गया था। जिसमें देशभर के टूर एंड ट्रेवल्स इंडस्ट्रीज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया था। उस दौरान डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा था प्रदेश में रिलिजियस (धार्मिक) पर्यटन की बहुत संभावना है। हम प्रदेश में बहुत सारे टूरिज्म सर्किट डेवलप कर रहे हैं।
एजुकेशन और हेल्थ सर्विस से जड़ी घोषणाओं की उम्मीद इसके अलावा रोजगार के अवसर के लिए नए उद्योग, इंडस्ट्रीज से जुड़ी बड़ी घोषणाओं की भी आस है। कोटा में देशभर के स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में एजुकेशन व स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर भी काफी उम्मीद है। इटावा, सांगोद व रामगंजमंडी में जिला हॉस्पिटल घोषणा की उम्मीद है। पिछले बजट घोषणा में कोटा में मिनी सचिवालय की घोषणा की थी। इसके लिए नयापुरा में जमीन चिह्नित की जा चुकी है। राज्य सरकार के स्तर पर एनओसी के लिए भेजा जा चुका। पीडब्ल्यूडी को तकमीना बनाने के लिए निर्देशित किया है। स्पोर्ट्स कॉलेज को मिल सकता है बजट एयरपोर्ट के पास बनने वाली एयरोसिटी का कंसेप्ट प्लान तैयार कराया जा रहा है। जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसे रीको के जरिए विकसित किया जाना प्रस्तावित है। विश्वकर्मा स्किल इंस्टीट्यूट के लिए जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। बजट और आवश्यक संसाधन के लिए मार्गदर्शन मांगा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए खेल विभाग ने प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा हुआ है। बजट नहीं मिला। बालिका सैनिक स्कूल स्थापना,नई जेल, साइंस सेंटर में इन्नोवेशन हब, सुसाइड रोकने के लिए सेंटर खोलने, गोपालपुरा नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने, मेडिकल कॉलेज कोटा में कैंसर यूनिट खोलने, सहित अन्य घोषणा की थी। कम बजट वाली ज्यादातर घोषणाएं पूरी हुई। लेकिन बड़े बजट वाली घोषणाएं बजट, स्वीकृति, जमीन नहीं, तकनीकी व वन भूमि में फंसने के कारण धरातल पर नहीं उतर सकी।


