यूपी में तापमान 30 डिग्री के करीब पहुंचा:दिन का तापमान 3-5 डिग्री बढ़ा, मुजफ्फरनगर लगातार तीसरे दिन रहा ठंडा

यूपी में मौसम अब धीरे-धीरे ठंड के दौर से बाहर निकलता नजर आ रहा है। सुबह की शुरुआत हल्की धूप के साथ हो रही है और दोपहर के समय तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका असर यह है कि लोगों ने गर्म कपड़े पहनना कम कर दिया है। हालांकि, प्रदेश के कई जिलों में शाम के वक्त सर्द पछुआ हवा के कारण ठंड अब भी बनी हुई है। मुजफ्फरनगर 7.1 डिग्री के साथ लगातार तीसरे दिन सबसे ठंडा रहा। फाल्गुन के महीने में चैत्र जैसी गर्मी
तापमान के लिहाज से मंगलवार को बांदा प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वाराणसी में पारा 29.1 डिग्री और प्रयागराज में 28.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इन तीनों जिलों में दिन का तापमान 30 डिग्री के करीब पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि इन जिलों में हवा शांत हो गई है, इस कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी एक हफ्ते तक रहेगी। 2 तस्वीरें देखिए- क्यों बदला यूपी का मिजाज
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा – इस बार मौसम में बदलाव की सबसे बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता है। इसके साथ ही हवा की दिशा और उसकी गति में आए बदलाव का असर मौसम पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। हालांकि सुबह और देर रात कुछ इलाकों में हल्का कोहरा बन रहा है, लेकिन धूप निकलने से तापमान सामान्य स्तर के आसपास बना हुआ है। इसी वजह से दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि सुबह-शाम ठंड बनी हुई है।
सरसों, आलू, मटर की फसलों को नुकसान का खतरा
कड़ाके की ठंड के बीच ओले और बरसात का असर रबी की फसलों पर दिखाई दे रहा है। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अच्छा है। सरसों, आलू, मटर की फसलों पर बीमारियों का खतरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कीट और रोग का प्रकोप होने पर तुरंत इलाज करें। दवा का छिड़काव तभी करें, जब मौसम साफ हो। फरवरी के अंत तक ठंड का असर खत्म होगा
फरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। —————————— ये खबर भी पढ़िए- ऋतु त्रिपाठी बोलीं- मेरे पति को ऑनलाइन धमकियां मिल रहीं: हम लोगों को कुछ हुआ तो ‘मैं ठाकुर हूं’ कहने वाली आस्था जिम्मेदार होगी कानपुर में ‘मैं ठाकुर हूं, ऐसी की तैसी कर दूंगी…’ कहने वाली आस्था सिंह और बैंक से इस्तीफा देने वाली ऋतु त्रिपाठी के बीच अब जुबानी वार शुरू हो गया है। ऋतु त्रिपाठी का कहना है कि आस्था ने मुझ पर और मेरे पति पर अर्नगल आरोप लगाए हैं। उसके इन आरोपों की वजह से मेरे पति को लोग ऑनलाइन धमकी दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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