वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दिया कुमारी आज विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। इस बजट से करौली जिले को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद है। जिले के नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठन बजट पर अपनी निगाहें जमाए हुए हैं। बजट को लेकर करौली जिले में उत्सुकता और उम्मीदों का माहौल है। जिला मुख्यालय से लेकर हिण्डौन, टोडाभीम, नादौती, सपोटरा और मंडरायल तक के लोग विकास की नई सौगातों के साथ पूर्व बजट घोषणाओं को धरातल पर उतरते देखने की आस लगाए बैठे हैं। आस्था स्थलों के विकास की उम्मीद
जिले की धार्मिक पहचान को देखते हुए आस्था स्थलों के विकास की मांग भी जोर पकड़ रही है। कैलादेवी मंदिर, श्रीमहावीरजी, मदन मोहनजी मंदिर और कैमरी के जगदीश धाम को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की अपेक्षा है। लोगों का मानना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ कैलादेवी अभयारण्य में जंगल सफारी जैसी योजनाएं जिले के चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं। पहले की घोषणाएं अभी तक नहीं हुई पूरी
वहीं, अधूरी घोषणाओं के लिए बजट में वित्तीय प्रावधान की मांग भी उठ रही है। जिला मुख्यालय पर विवेकानंद यूथ हॉस्टल का निर्माण बजट अभाव में अटका है। ट्रैफिक पार्क, फिटनेस पार्क, रोडवेज डिपो के स्वतंत्र संचालन और कृषि उपज मंडी जैसी पूर्व घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। हिण्डौन में मिनी फूड पार्क, खेल स्टेडियम, नया रीको औद्योगिक क्षेत्र और ब्लड बैंक संचालन भी लंबित हैं। हालांकि, करौली में संस्कृत कॉलेज का शिलान्यास हाल ही में हुआ है। हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र में गंगापुर मार्ग पर कटकड़ गांव के पास हाईलेवल ब्रिज, अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय, महूं में पुलिस थाना, बाजना रोड पर 33 केवी जीएसएस, नया रोडवेज बस स्टैंड और सूरौठ में कृषि मंडी की मांग प्रमुख है। साथ ही, श्रीमहावीरजी को नगर पालिका का दर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। करौली विधानसभा के लोग हिण्डौन-करौली-कैलादेवी फोरलेन सड़क, पांचना के बड़े पुल पर हाईलेवल ब्रिज और रोडवेज डिपो के स्वतंत्र संचालन की मांग कर रहे हैं। ऐतिहासिक किलों, महलों और बावड़ियों को पर्यटन से जोड़ने तथा पर्यटन निगम का कार्यालय खोलने की भी अपेक्षा है। टोडाभीम-नादौती क्षेत्र में उपजिला अस्पताल का नया भवन, एडीजे न्यायालय, गुढ़ाचंद्रजी-गंगापुर मार्ग बायपास, कृषि महाविद्यालय और पॉलीटेक्निक कॉलेज की मांग है। सपोटरा-मंडरायल क्षेत्र के लोग कृषि विज्ञान केंद्र, नए स्वास्थ्य संस्थान, मुंसिफ कोर्ट, किले के सौंदर्यीकरण और घाटी चौड़ीकरण जैसी घोषणाओं की राह देख रहे हैं।


