सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी इन दिनों पूरी तरह भगवान शिव की भक्ति में डूबी हुई है। 6 फरवरी से शुरू हुए महाशिवरात्रि मेले में रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार तक करीब 1.50 लाख श्रद्धालु चौरागढ़ मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालु चौरागढ़, बड़े महादेव, छोटा महादेव, गुप्त महादेव और जटाशंकर मंदिर में लंबी कतारों में लगकर दर्शन कर रहे हैं। 1325 मीटर ऊंची पहाड़ी पर दर्शन करने पहुंच रहे भक्त चौरागढ़ मंदिर 1325 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। श्रद्धालु भगवान को अर्पित करने के लिए वजनी त्रिशूल लेकर पहाड़ी पर चढ़ रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते, “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाते हुए बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उत्साह के साथ दर्शन करने पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए भारी पुलिस बल तैनात मेले में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस, होमगार्ड, राजस्व, वन विभाग, स्वास्थ्य, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, पीएचई, नगरपालिका और अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं। कलेक्टर सोनिया मीना ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और महाशिवरात्रि तक 3 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। खोया-पाया केंद्र और 24 घंटे कंट्रोल रूम भी संचालित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। 500 मीटर ट्रैक पर अंधेरा मेले के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पैदल ट्रैक के एक हिस्से में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं हो सकी है। नांदिया जंक्शन से बड़े महादेव जाने वाले रास्ते पर करीब 500 मीटर तक अंधेरा रहता है। रात में श्रद्धालु मोबाइल की टॉर्च के सहारे सीढ़ियां चढ़ने-उतरने को मजबूर हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे खासतौर पर परेशानी झेल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि हर साल यहां रोशनी की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार अब तक लाइट नहीं लगाई गई है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।


