नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में प्रदेश से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सभापति जगदम्बिका पाल से तीखे अंदाज में कहा – एक दिन के लिए आपकी कुर्सी पर मुझे बैठा दीजिए, मैं सबको बता दूंगा कि अध्यक्ष का पावर क्या होता है। दरअसल, बेनीवाल राजस्थान से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सदन में रख रहे थे। इसी दौरान जब उन्होंने पेपर लीक (पेपर आउट) का मामला उठाया तो सभापति जगदम्बिका पाल ने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय बताया। इस पर बेनीवाल ने कहा कि यह केवल राजस्थान का मामला नहीं है, बल्कि देशभर में ऐसे हालात हैं। उन्होंने कहा- जब पेपर ही आउट हो जाता है तो नौजवान आखिर भरोसा किस पर करेगा? बेनीवाल ने युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंता जताई। बेनीवाल बोले- आम जनता नहीं, चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों का बजट केंद्रीय बजट पर लोकसभा में चर्चा के दौरान नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की पुरजोर पैरवी करते हुए केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। सांसद बेनीवाल ने बजट को गरीब, किसान और मध्यम वर्ग की उम्मीदों के विपरीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता की जरूरतों को पूरा करने वाला नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लागू बहुस्तरीय कर ढांचा (मल्टी लेयर टैक्स सिस्टम) आम नागरिकों की बचत को खत्म कर रहा है। महंगाई और करों के बोझ से मध्यम वर्ग लगातार दबाव में है, लेकिन सरकार के पास आर्थिक असमानता को दूर करने का कोई ठोस विजन नजर नहीं आता। इस दौरान बेनीवाल ने राजस्थान के हितों को उठाते हुए नागौरी पान मेथी सहित प्रदेश के 40 उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की मांग भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा किसानों और कारीगरों की आय में वृद्धि होगी। ‘किसानों की आय दोगुनी करने का वादा जुमला’ महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए बेनीवाल ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और दवाइयों के दाम बेकाबू हो चुके हैं, जबकि सोने-चांदी की कीमतों पर भी सरकार का कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को जुमला बताते हुए एमएसपी पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी देने तथा देश के किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग दोहराई। बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर भटकने को मजबूर है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन का कोई ठोस रोडमैप नजर नहीं आता। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और एसएससी जैसी भर्तियों में हो रही अनियमितताओं पर सरकार की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही खाली पड़े लाखों सरकारी पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की मांग की। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों के भविष्य के लिए जरूरी बताते हुए पैरा मिलिट्री और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ओपीएस बहाल करने की भी मांग रखी। चिनाब नदी का पानी राजस्थान में लाने की मांग रखी राजस्थान की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सांसद बेनीवाल ने प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने अंतरराज्यीय जल विवादों का समाधान कर पंजाब और गुजरात से राजस्थान के हिस्से का पानी दिलाने की बात कही। साथ ही पश्चिमी राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए चिनाब नदी का पानी लाने हेतु ईआरसीपी की तर्ज पर ‘डब्ल्यूआरसीपी’ योजना बनाकर विशेष बजट आवंटित करने का आग्रह किया। क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने मकराना में अंतरराष्ट्रीय मार्बल मंडी की स्थापना, नागौर और डीडवाना में हवाई पट्टी के विस्तार तथा नागौर की विश्व प्रसिद्ध पान मैथी सहित 40 उत्पादों को जीआई टैग देने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने कुचामन में सेंट्रल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, नागौर में केंद्रीय शुष्क कृषि विश्वविद्यालय और डेगाना में टंगस्टन व लिथियम खनन कार्य को गति देने की जरूरत बताई। साथ ही सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीएलएडी) को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये करने की पुरजोर मांग सदन में रखी।


