ब्यावर जिले के आनंदपुर कालू पुलिस थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले में जांच अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रार्थी किरण पत्नी शिवदान कुमावत ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी है, जिसमें बताया गया है कि आरोपियों से घूस लेकर उनके पक्ष में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) तैयार की गई है, जबकि प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित हो चुका था। यह मामला आनंदपुर कालू, तहसील जैतारण में प्रार्थीया की खातेदारी भूमि खसरा संख्या 1432 से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपी सुगनाराम पटेल और उसके सहयोगियों ने जमीन हड़पने के उद्देश्य से फर्जी आम मुख्त्यारनामा तैयार कर 7 अक्टूबर 2022 को अपने पक्ष में बैचाननामा पंजीकृत करवाया। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने 13 अक्टूबर 2022 को आनंदपुर कालू थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। प्रार्थीया का आरोप है कि इस मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई थी। सभी जांचों में उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उपरोक्त धाराओं में अपराध प्रथम दृष्टया प्रमाणित माना गया था। यहां तक कि राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर क्रिमिनल रिट याचिका संख्या 8793/2022 की सुनवाई के दौरान भी जांच अधिकारियों ने तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत कर अपराध प्रमाणित बताया था। शिकायत में वर्तमान जांच अधिकारी, सीओ जैतारण, पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आरोपियों से अवैध लाभ लेकर मामले को दबाने के उद्देश्य से एफआर तैयार की है। यह एफआर अभी तक न्यायालय में पेश नहीं की गई है। साथ ही, सीओ कार्यालय जैतारण में कार्यरत रीडर बजरंग त्रिपाठी पर भी आरोपीगण से सांठगांठ कर तथ्यों व साक्ष्यों में फेरबदल करने और एफआर तैयार करवाने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
पीड़ित पक्ष ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।


