जालंधर के गोराया में पंजाब सरकार द्वारा अपराध पर नियंत्रण के लिए ऑपरेशन प्रहार-2 शुरू किए जाने के बावजूद राज्य में लगातार हो रही जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाएं लोगों में डर पैदा कर रही हैं। व्यापारी, खिलाड़ी और युवा पहले ही असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, वहीं अब यह बढ़ती कानून-व्यवस्था की चिंता एनआरआई परिवारों को भी पंजाब आने से रोक रही है। ऐसा ही एक मामला गोराया क्षेत्र के बारा गांव से सामने आया है, जहां अमेरिका में बसे एक एनआरआई परिवार ने अपने पैतृक गांव आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। 11 फरवरी को आना था गांव, उससे पहले घर पर हमला स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव के मूल निवासी और अमेरिकी नागरिक कुलवंत सिंह कांटा सहोता अपने परिवार के साथ 11 फरवरी को पंजाब आने वाले थे। लेकिन यात्रा से कुछ दिन पहले ही उनके पैतृक घर को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाकर तोड़फोड़ कर दी।घटना के बाद परिवार में भय का माहौल बन गया और उन्होंने सुरक्षा कारणों से पंजाब आने का फैसला रद्द कर दिया। मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने की तोड़फोड़ गांव के एक पूर्व पंचायत सदस्य और घर की देखरेख करने वाले युवक ने बताया कि दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और घर की खिड़कियों के शीशे तथा वेंटिलेटर का कांच तोड़कर मौके से फरार हो गए। इस घर में पिछले कई वर्षों से एक प्रवासी मजदूर रह रहा है। घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हमलावर तोड़फोड़ करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पहले भी बनाया गया था निशाना केयरटेकर ने खुलासा किया कि यह पहली बार नहीं है जब इस परिवार को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी पुलिस ने इसी एनआरआई पर हमले की साजिश का खुलासा किया था। पुलिस जांच में जुटी मामले की शिकायत गोराया पुलिस में दर्ज करवाई गई है। शिकायत के आधार पर चौकी धुलेटा के इंचार्ज सुखविंदर पाल सिंह ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई धमकी भरी कॉल या फिर जबरन वसूली की मांग सामने नहीं आई है, लेकिन जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है। एनआरआई में बढ़ती चिंता इस घटना के बाद पंजाब में एनआरआई परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बढ़ते अपराध और असुरक्षा का माहौल राज्य की छवि पर भी असर डाल रहा है।


