मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौरेला के मंगली बाजार में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मीसाबंदी कोमलचन्द जैन और शिव कुमार सोनी के निवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आपातकाल के दौरान मीसाबंदियों की पीड़ा और संघर्ष की कहानियों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मीसाबंदियों के साहस और त्याग को नमन करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र के सच्चे रक्षक हैं। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। सम्मान राशि और सुविधाओं की जानकारी दी मुख्यमंत्री ने मीसाबंदियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से दी जा रही सम्मान राशि और अन्य सुविधाओं की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मीसाबंदियों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मीसाबंदियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार से मिल रहा सम्मान और सहयोग उनके संघर्ष की सच्ची पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने की हनुमान मंदिर में पूजा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौरेला स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान हनुमान से प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित हवन कार्यक्रम में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट की और उनका कुशल-क्षेम जाना। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सभी वर्गों के कल्याण हेतु विभिन्न जनहितकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।


