राजस्थान सरकार के बजट में बाड़मेर को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने धर्मपुरा (बाड़मेर) में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा की है। इससे जिले में उद्योगों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। थार सांस्कृतिक सर्किट से पर्यटन को बढ़ावा पर्यटन विकास को गति देने के लिए सरकार ने पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और जालौर को जोड़ते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ विकसित करने की घोषणा की है। इस पहल से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और सीमा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बाखासर सूखा बंदरगाह पर फिर उम्मीद बाखासर में प्रस्तावित सूखा बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) लंबे समय से लंबित है। इसकी घोषणा पूर्व में वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में की गई थी, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इस बार बजट में इसे पुनर्जीवित करने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही बॉर्डर टूरिज्म को लेकर भी स्थानीय लोगों को विशेष पैकेज की आस है। ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या पर नजर थार क्षेत्र में पेयजल संकट एक बड़ी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को देखते हुए बजट में विशेष जल परियोजनाओं के लिए प्रावधान की संभावना है। पुलिस थाने और चौकी खोलने का प्रस्ताव बाड़मेर जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नोखड़ा, बाछड़ाऊ और भिंयाड में नए पुलिस थाने तथा वीरातरा मंदिर में पुलिस चौकी खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि बजट में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। दरअसल, भजनलाल सरकार अपना तीसरा बजट पेश कर रही है। खेजड़ी संरक्षण को लेकर कानून बनाने और बाड़मेर–बालोतरा के प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद अब जिले को विशेष विकास पैकेज मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। थार क्षेत्र के लोगों को इस बजट से औद्योगिक, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की बड़ी उम्मीद है।


