अलवर शहर में एक निजी फाइनेंस कंपनी के पूर्व कर्मचारियों ने ग्राहकों से किश्तों की रकम लेकर कंपनी में जमा नहीं कराई। आरोप है कि अभियुक्तों ने आपसी साजिश के तहत करीब 10 लाख रुपए की राशि ग्राहकों से हड़प ली। मामले में कंपनी ने इस्तगासे के जरिए कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। परिवादी मैसर्स एस.जी. रॉयल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट में परिवाद देकर बताया कि कंपनी के पूर्व ब्रांच मैनेजर हिमांशु शर्मा, दुर्गेश सिंह नरूका और रोहित कुमार मुदगल (पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर) और विवेक सिंह नरूका (पूर्व फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव) ने मार्च, अप्रैल और मई माह में ग्राहकों से किश्तों की राशि तो वसूल ली, लेकिन वह रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई। कंपनी ने ग्राहकों से संपर्क किया तब जाकर हुआ खुलासा कंपनी के अनुसार, जब बकाया किश्तों को लेकर ग्राहकों से संपर्क किया गया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। ग्राहकों ने बताया कि वे भुगतान पहले ही अभियुक्तों को कर चुके हैं। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी हुई। आरोप है कि वसूली गई राशि अभियुक्तों ने अपने निजी उपयोग में ले ली। रकम मांगने पर अभियुक्तों ने कंपनी कर्मियों को दी धमकियां परिवाद में यह भी कहा गया है कि रकम वापस मांगने पर अभियुक्तों द्वारा कंपनी के कर्मचारियों को धमकियां दी गईं। इसके अलावा 24 मई 2025 को एक कर्मचारी के साथ मारपीट कर उसकी गाड़ी का शीशा तोड़ने और वाहन को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। कंपनी से हटाए जाने के बाद भी आरोपियों ने वसूली रकम कंपनी का आरोप है कि कंपनी से हटाए जाने के बाद भी अभियुक्त अवैध रूप से ग्राहकों से किश्तों की वसूली करते रहे और राशि अपने निजी खातों में जमा कराते रहे। इस संबंध में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उनकी गतिविधियां नहीं रुकीं। परिवादी की ओर से पहले कोतवाली थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक अलवर को शिकायत भेजी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद कंपनी ने कोर्ट की शरण ली। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


