“बिना उद्योगों के विकास के विकसित भारत संभव नहीं”:बजट पर बोले कारोबारी, युवाओं के लिए कस्टमाइज पैकेज की कमी खली, लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की घोषणा किया स्वागत

“लॉजिस्टिक पार्क से उद्योगों की लागत घटेगी, लेकिन युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कस्टमाइज पैकेज जरूरी था।” राज्य बजट पर कारोबारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ऐसी ही मिली-जुली प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से और ठोस कदमों की उम्मीद जताई है। राज्य की भजनलाल सरकार की ओर से बुधवार को पेश किए गए बजट को लेकर व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत बजट में बुनियादी ढांचे, उद्योग, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है, लेकिन व्यापारियों का मानना है कि कुछ अहम मांगों पर अभी और काम होना बाकी है। लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की घोषणा स्वागत फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि यह बजट “विकसित भारत” की सोच से जुड़ा हुआ है और उद्योगों के विकास के बिना यह सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की घोषणा स्वागत योग्य है, जिससे परिवहन, भंडारण और निर्यात की प्रक्रिया आसान होगी। इससे उद्योगों की लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। पीपीपी मॉडल पर लॉजिस्टिक हब स्थापित करने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अग्रवाल ने कहा कि बिजली की दरों में कमी उनकी बड़ी मांग थी, लेकिन इस पर कोई राहत नहीं दी गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सरकार इस दिशा में ध्यान देगी, क्योंकि ज्यादा उद्योग आने से जीएसटी और आय में बढ़ोतरी होगी और प्रदेश का विकास तेज होगा। “हर वर्ग का रखा ध्यान” जयपुर व्यापार महासंघ के महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि बजट में विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और आमजन सभी का ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि जयपुर जैसे हेरिटेज शहर में जलभराव की समस्या लंबे समय से व्यापारियों के लिए परेशानी बनी हुई थी, जिस पर सरकार ने समाधान की योजना तैयार की है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। “युवाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं” फोर्टी यूथ विंग के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि बजट में युवाओं और स्टार्टअप से जुड़े उद्यमियों के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। यदि युवा उद्यमियों के लिए कस्टमाइज पैकेज लाया जाता तो उन्हें काफी लाभ मिलता।
उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, एग्री-प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टरों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन योजनाएं होनी चाहिए थीं। आसान ऋण, ब्याज सब्सिडी और टैक्स में राहत से युवाओं को व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलती। “न्यू इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान महिला उद्यमियों के लिए बड़ा कदम” फोर्टी वूमेन विंग की अध्यक्ष नीलम मित्तल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि सही नीतियों से ही अच्छे परिणाम मिलते हैं और यह बजट उसी दिशा में है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जो नींव रखी गई थी, वह अब क्रियान्वित होती नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि न्यू इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान महिला उद्यमियों के लिए बड़ा कदम है। इंडस्ट्रियल पार्क में महिलाओं को संरक्षण और सुविधाएं देने की उनकी मांग को सरकार ने गंभीरता से लिया है। नीलम मित्तल ने पर्यटन को लेकर भी बजट की सराहना की और कहा कि जैसलमेर में पर्यटन हब बनाने और पर्यटन क्षेत्र में 10 प्रतिशत तक निवेश का प्रावधान राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। “महिलाएं अब काम देने वाली बनेंगी” फोर्टी वूमेन विंग की एग्जीक्यूटिव मेंबर पारूल भार्गव ने कहा कि 2024-25 और 2025-26 के बजट में सकारात्मक बढ़ोतरी देखने को मिली है। ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल सुविधाओं और रोजगार योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं केवल काम करने तक सीमित थीं, लेकिन अब सरकार की योजनाओं से वे रोजगार देने वाली बनेंगी।

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