छिंदवाड़ा बस स्टैंड से महादेव मेले जाने वाले श्रद्धालुओं से बस संचालक खुलेआम मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इस मार्ग का निर्धारित किराया 104 रुपए है, लेकिन यात्रियों से 200, 250 और 300 रुपए तक लिए जा रहे हैं। अधिक किराया वसूली की लगातार शिकायतों के बावजूद आरटीओ (RTO) का उड़नदस्ता बसों को रोककर जांच नहीं कर रहा है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में तय राशि से दोगुना से भी अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। विरोध करने पर बस से उतारने की धमकी रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु छिंदवाड़ा से महादेव के दर्शन के लिए रवाना होते हैं। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर किराया तय होने के बावजूद बसों में बैठते ही उनसे अधिक पैसे मांगे जाते हैं। जब यात्री इसका विरोध करते हैं, तो बस संचालक उन्हें बस से उतार देने की बात कहते हैं। मेले की भीड़ और अव्यवस्था के बीच लोग चुपचाप अधिक किराया देने को मजबूर हो जाते हैं। ओवरलोडिंग पर हुई कार्रवाई, अधिक किराए पर छूट हैरानी की बात यह है कि जिन बसों पर अधिक किराया वसूली के आरोप हैं, वे बेखौफ संचालित हो रही हैं। पिछले दिनों आरटीओ द्वारा की गई कार्रवाई में कुछ लोकल बसों को रोककर ओवरलोडिंग को लेकर चालान जरूर बनाए गए थे। लेकिन, अधिक किराया वसूली को लेकर कोई ठोस रोक नहीं लगाई जा सकी है। जमीनी स्तर पर नहीं दिख रही आरटीओ की जांच इस पूरे मामले को लेकर छिंदवाड़ा आरटीओ द्वारा कार्रवाई करने की बात जरूर कही जा रही है। हालांकि, जमीनी स्तर पर विभाग का उड़नदस्ता इन मार्गों पर सक्रिय दिखाई नहीं दे रहा है। जांच टीम के नदारद रहने से बस संचालकों की मनमानी जारी है और श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले दिनों की गई कार्रवाई में भी ओवरलोडिंग को लेकर चालानी कार्रवाई हुई, लेकिन अधिक किराया वसूली पर कोई ठोस रोक नहीं लग सकी। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए छिंदवाड़ा से रवाना होते हैं। भीड़ और अव्यवस्था के बीच यात्रियों को मजबूरी में मनमाना किराया चुकाना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर किराया तय होने के बावजूद बसों में बैठते ही उनसे अधिक पैसे मांगे जाते हैं। विरोध करने पर उन्हें बस से उतार देने की बात कही जाती है, जिससे लोग चुपचाप अधिक किराया देने को मजबूर हो जाते हैं। मामले को लेकर छिंदवाड़ा आरटीओ द्वारा कार्रवाई की बात जरूर कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उड़नदस्ता इन मार्गों पर सक्रिय दिखाई नहीं दे रहा। ऐसे में श्रद्धालुओं की जेब पर डाका डालने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।


