बठिंडा के कोटशमीर गांव में मामूली विवाद के बाद 40 वर्षीय जसपाल सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में बिहार के रहने वाले तीन प्रवासी मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी हरविंदर सिंह सरा ने बताया कि पुलिस को सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में एक शव होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीमों ने जांच पड़ताल शुरू की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
नशे में थे तीनों आरोपी मृतक जसपाल सिंह के भाई कृष्ण ने पुलिस को बताया कि उनके भाई जसपाल सिंह शाम को खाना खाकर घर से बाहर जा रहे थे। रास्ते में तीन व्यक्ति मिले, जो शराब या किसी अन्य नशे में थे और गाली-गलौज कर रहे थे। जब जसपाल सिंह ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उनके बीच कहासुनी हो गई। मारपीट कर नहर में धकेला इसके बाद तीनों व्यक्तियों ने जसपाल सिंह पर हमला कर दिया। उन्होंने हाथों और लातों से जसपाल सिंह को पीटना शुरू कर दिया और फिर उन्हें पास के पानी वाले खाल (छोटी नहर) में धकेल दिया। आरोपियों ने जसपाल सिंह के ऊपर बैठकर उन्हें दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। पांच बच्चों का था पिता कृष्ण ने बताया कि जसपाल सिंह के चार बेटियां और एक बेटा है, और परिवार की आय का कोई साधन नहीं है। उनकी एक बेटी की शादी भी तय थी। गिरफ्तार किए गए तीनों प्रवासी मजदूर कोटशमीर स्थित चहल की फैक्ट्री में काम करते थे। आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पवन कुमार (निवासी गांव कौशल्या, जिला रोहतास, बिहार), ओम प्रकाश (निवासी गांव खखड़ी, जिला बक्सर, बिहार) और सुमित कुमार (निवासी लवनदरा, बिहार) के रूप में हुई है।


