बलरामपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों में कथित अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने दूरस्थ केंद्र निर्धारण से विद्यार्थियों को हो रही परेशानी में सुधार की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से अभाविप के जिला संयोजक विकास महतो ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के चयन में कई विद्यालयों को दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रामचंद्रपुर परीक्षा केंद्र को हायर सेकेंडरी स्कूल गाजर कर दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को अत्यधिक असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा, विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज के छात्रों को आवागमन, सुरक्षा और समय पर केंद्र पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। असुविधाजनक परीक्षा केंद्रों को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता विकास महतो ने यह भी अवगत कराया कि कुछ परीक्षा केंद्र ऐसे स्थानों पर निर्धारित किए गए हैं, जहां पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारू संचालन प्रभावित होने की आशंका है। इस निर्णय को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता और असंतोष का माहौल है। अभाविप ने प्रशासन से छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की पुनः समीक्षा करने की मांग की है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे छात्र हित में आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर अभाविप छत्तीसगढ़ के एसएफएस प्रांत सह संयोजक रितिक सिंह, नगर मंत्री परमानंद कुशवाहा, नगर सह मंत्री सत्यम प्रजापति, अनुप पाल, रत्नेश सिंह, सत्यम गुप्ता, सूरज पुरी, प्रमोद पुरी, ओमप्रकाश यादव सहित अभाविप के कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।


