डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट में बारां जिले को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। इनमें छबड़ा में दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), परवन अकावद परियोजना के तहत 3500 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यादेश, आदिवासी परिवारों की महिला मुखिया को 1200 रुपए प्रतिमाह डीबीटी और शिक्षा-कृषि क्षेत्र में अहम घोषणाएं शामिल हैं। हालांकि, शहर के प्रमुख मार्गों के सुदृढ़ीकरण और वाइल्ड लाइफ पर्यटन विकास जैसी कुछ बहुप्रतीक्षित बड़ी परियोजनाओं को लेकर लोगों की उम्मीदें अधूरी रह गईं। छबड़ा-रुठियाई रेलखंड आरओबी के लिए 38 करोड़ रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए छबड़ा-रुठियाई रेलखंड के LC-72 पर 38.72 करोड़ रुपए और LC-84 पर 34 करोड़ रुपए की लागत से दो आरओबी बनाए जाएंगे। सड़क निर्माण के तहत रतनपुरा से चेनपुरिया मार्ग पर अंधेरी नदी पर पुलिया निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए और रामगढ़ रोड से फतेहपुरा गांव तक डामर सड़क के लिए 2.20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सोलर एनर्जी सिस्टम 11 करोड़ सिंचाई क्षेत्र में परवन अकावद परियोजना के अंतर्गत बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के लिए 3500 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यादेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के मोहम्मदपुर-केथोड़ी माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट परियोजना में सोलर एनर्जी सिस्टम की स्थापना के लिए 11 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। महिला मुखियाओं को 1200 रुपए प्रतिमाह सामाजिक कल्याण के तहत, बारां जिले में निवासरत सहरिया और खैरवा जनजाति परिवारों की महिला मुखियाओं को प्रतिमाह 1200 रुपए सीधे बैंक खाते (डीबीटी) के माध्यम से दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने पर 20 हजार का वाउचर शिक्षा के क्षेत्र में भी कई घोषणाएं की गई हैं। 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्वयं के स्तर पर टैबलेट खरीदने पर 20 हजार रुपए का डीबीटी वाउचर मिलेगा। 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिल के लिए ई-वाउचर प्रदान किए जाएंगे। 1 से 8वीं तक के 40 लाख विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने पर 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही, 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल सामग्री और ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर 323 करोड़ रुपए व्यय होंगे। सब्जी मंडी निर्माण के लिए 7.49 करोड़ जिले में एक खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में अंता नगर पालिका में 7.49 करोड़ रुपए की लागत से सब्जी मंडी का निर्माण प्रस्तावित है। स्वास्थ्य व महिला सशक्तिकरण
हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे। जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुफ्त इलाज मिलेगा। ग्रामीण महिला बीपीओ खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कृषि व जल संसाधन पर फोकस
किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 160 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा। 8000 डिग्गियों का निर्माण होगा। 36 हजार नए फार्म पोंड बनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा। 50 हजार किसानों को तारबंदी के लिए 288 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा तथा सामुदायिक तारबंदी के लिए किसानों की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 कर दी गई है। हर पंचायत स्तर पर ‘नमो वन’ विकसित किए जाएंगे और नमो नर्सरी खोली जाएंगी। कुल मिलाकर, बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर दिया गया है। हालांकि, शहर के ट्रैफिक दबाव वाले प्रमुख मार्गों के व्यापक सुदृढ़ीकरण और वाइल्ड लाइफ पर्यटन को बढ़ावा देने जैसी स्थानीय मांगें इस बार भी पूरी नहीं हो सकीं, जिससे कुछ क्षेत्रों में निराशा है। बजट आंकड़ों का मायाजाल: पानचंद मेघवाल
पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने राजस्थान सरकार के बजट 2026-2027 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आंकड़ों का मायाजाल बताया है। उन्होंने कहा कि पिछली बजट घोषणाओं में से आधी से अधिक घोषणाओं पर कार्य ही आरम्भ नहीं हुआ। प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर से बजट में घोषणाओं का अम्बार लगाकर जनता को गुमराह किया है। बजट में बारां को जनाकांक्षा के अनुरूप विकास की सौगात नहीं मिली। जिले में 4 में से तीन विधायक भाजपा के होने के बावजूद भी बारां जिले के समुचित विकास हेतु आशा के अनुरूप निर्णय नहीं लिये गए। निःशुल्क ‘मोक्षवाहिनी’ सुविधा मानवीय सोच का प्रतीक सामाजिक कार्यकर्ता अंशुल व्यास ने कहा कि राजस्थान राज्य बजट में सड़क सुरक्षा, मोक्ष वाहिनी व नशा मुक्ति जैसी घोषणाएं समाज के प्रति संवेदनशील सोच को दर्शाती हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी, अंतिम यात्रा में सम्मान और युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में ये निर्णय जनहित में सराहनीय हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में आशा है कि ये घोषणाएं केवल कागज़ों तक सीमित न रहकर धरातल पर प्रभावी रूप से लागू होंगी तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक इनका लाभ पहुंचेगा।
एडवोकेट सचिन सनाढ्य ने कहा कि मृत देह को मोर्चरी से घर तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क ‘मोक्षवाहिनी’ सुविधा शुरू करने की पहल संवेदनशील और मानवीय है। इसके अतिरिक्त जिले के किशनगंज में एडीजे कोर्ट और शाहाबाद में एडीजे कोर्ट कैम्प शुरू होने से क्षेत्रवासियों को खासी राहत मिलेगी।
बारां भाजयुमो जिलाध्यक्ष रोहित नागर ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 30,000 युवाओं को ₹10 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण, 10वीं/12वीं के मेधावी छात्रों को ₹20,000 का ई-वाउचर और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA की तर्ज पर) स्थापित की जाएगी। बजट स्वागत योग्य है।


