बिजौली क्षेत्र में आरटीआई एक्टिविस्ट राममिलन सिंह चंदेल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने घटना के करीब पांच माह बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी। सितंबर 2025 में कार सवार बदमाशों ने राममिलन सिंह चंदेल को सड़क पर रोककर बेसबॉल बैट, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बताया गया कि यह हमला एक नर्सिंग कॉलेज के खिलाफ की गई शिकायत के बाद हुआ था। ऐसे हुई गिरफ्तारी बिजौली थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि हमले में शामिल प्रकाश चंद्र पंडित शहर में देखा गया है और थाटीपुर इलाके में सुभाषचंद्र बोस कॉलेज के पास आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया। बुधवार सुबह उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि, यह भी सूचना है कि आरोपी को पुलिस बाहर से पकड़कर लाई है। फिलहाल पुलिस उससे फरार साथियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। ऐसे समझिए पूरा मामला मुरार सीपी कॉलोनी निवासी 43 वर्षीय राममिलन सिंह चंदेल आरटीआई एक्टिविस्ट हैं और शिक्षा विभाग से जुड़े कई मामलों में खुलासे कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने एक नर्सिंग कॉलेज के संबंध में आरटीआई लगाई और शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। सितंबर 2025 में वे बिजौली थाना क्षेत्र के चंदनपुर स्थित घर से आरएमएस कॉलेज की ओर जा रहे थे। तभी सफेद कार से पहुंचे प्रकाश पंडित और पवन बाबू शर्मा ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर कार से बेसबॉल बैट निकालकर हमला किया गया। इसके बाद जितेंद्र सिंह और गौतम फगुना भी पहुंचे और चारों ने मिलकर सड़क पर लात-घूंसों से मारपीट की। पुलिस ने घटना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें से प्रकाश पंडित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपी अब भी फरार हैं।


