5 साल के बच्चे ने को गोशाला भेजने की अपील:राजगढ़ में भूख-प्यास से तड़पती गाय की दुर्दशा पर बनाया वीडियो

राजगढ़ जिले के चाटूखेड़ा-राजगढ़ मार्ग पर जो दृश्य लोगों के लिए शायद सामान्य हो चुका था, वही एक पांच साल के बच्चे के लिए असहनीय बन गया। कालीतलाई गांव के पास सड़क किनारे भूखी, बीमार और मृत पड़ी गायों को देखकर मनी ठाकुर का मन भर आया। उसने अपनी मां से सवाल पूछा और फिर डेढ़ मिनट का ऐसा वीडियो बनाया, जिसने अब पूरे जिले का ध्यान खींच लिया है। मनी ने रास्ते में खड़ी कमजोर और कंकाल बन चुकी गायों को देखा। कुछ गायें जमीन पर पड़ी थीं, जिनके आसपास पक्षी मंडरा रहे थे। बच्चे ने मासूमियत से मां से पूछा, “इन गायों का घर नहीं होता क्या?” मां ने समझाया कि गौशाला ही उनका घर होती है। फिर मनी का अगला सवाल था, “इनको गौशाला कौन भेजेगा?” जब मां ने कहा “कलेक्टर सर”, तो मनी ने तुरंत कैमरा ऑन किया और सीधे कलेक्टर से अपील कर डाली। वीडियो में मनी की आवाज साफ सुनाई देती है- “कलेक्टर अंकल, इन गायों को गौशाला पहुंचा दो, नहीं तो ये मर जाएंगी।” उसकी आवाज में डर भी है, करुणा भी और एक जिम्मेदार नागरिक की तरह चिंता भी। शायद उसे प्रशासनिक व्यवस्था की समझ नहीं, लेकिन इतना जरूर समझ है कि भूख और प्यास से तड़पना गलत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गोवंश खुले में भटक रहा है। पर्याप्त चारे और पानी की व्यवस्था नहीं होने से उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। कुछ स्थानों पर मृत पशुओं के अवशेष खुले में पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। यह मार्ग व्यस्त है। रोज सैकड़ों लोग यहां से गुजरते हैं। लेकिन जिन हालातों को बड़े लोग नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं, वही हालात एक पांच साल के बच्चे की आंखों में ठहर गए। मनी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उसकी संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में गोवंश संरक्षण के लिए योजनाएं और नियम मौजूद हैं। गौशालाओं के संचालन के लिए प्रावधान भी हैं। इसके बावजूद यदि सड़क किनारे इस तरह की स्थिति सामने आती है तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। मनी की मासूम अपील अब सिर्फ एक बच्चे की भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं रह गई है। यह समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक आईना बन गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या एक पांच साल के बच्चे की आवाज उन गायों तक राहत पहुंचा पाएगी, या फिर यह वीडियो भी कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया की भीड़ में खो जाएगा।

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