बारां में गौवंश हत्या के विरोध में हुए शांतिपूर्ण धरने पर पुलिस लाठीचार्ज और अमानवीय व्यवहार के खिलाफ ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। ब्राह्मण समाज ने ज्ञापन में बताया कि प्रताप चौक, बारां पर गौसेवकों द्वारा शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। इस दौरान धरने में शामिल न होने वाले आम नागरिकों, एक नाबालिग बालक और अन्य व्यक्तियों पर भी बल प्रयोग किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट लगने से टांके लगाने पड़े और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि एक गौसेवक को जबरन कोतवाली ले जाकर अमानवीय व्यवहार किया गया और लाठियों से पीटा गया, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। समाज ने इस कृत्य को मानवाधिकारों का उल्लंघन और विधि के शासन के विपरीत बताया है। इसके अतिरिक्त, धरने से एक दिन पूर्व एक पुलिस अधिकारी पर गौसेवकों के प्रतिनिधि को धमकी भरे फोन कॉल करने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त अधिकारी लाठीचार्ज के समय घटनास्थल पर मौजूद था। ब्राह्मण समाज ने उस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। ज्ञापन सौंपते समय भगवान शर्मा, गोविंद शर्मा ठिमली, किशन शर्मा, कपिल देव शर्मा, ऋषि बल्लभ शर्मा, अंशुल व्यास, शिवशंकर शर्मा, मनोज शर्मा, आशीष शर्मा, राजेंद्र शर्मा, दीपक शर्मा, याग्नेश शर्मा, धीरज शर्मा, रवि पुजारी, निकलेश शर्मा, विक्की शर्मा, देवेन्द्र शर्मा, रविन्द्र शर्मा, अंकुर सनाढ्य, हरिश शर्मा, योगेश शर्मा और देवेंद्र तिवारी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।


