पद्मश्री किरण कुमार बोले-भारत को डोमिनेटर बनना है, डिपेंडेंट नहीं:कहा- सैटेलाइट बंद हो जाएं तो दुनिया ठप हो जाएगी, AI मानव की क्षमता बढ़ाएगा

उदयपुर की सौर वेधशाला के 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती उत्सव मनाया जा रहा है। प्रोग्राम में इसरो और अंतरिक्ष आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री से सम्मानित वैज्ञानिक ए.एस. किरण कुमार भी शामिल होने आए। उन्होंने कहा है कि दुनिया किसी देश को तभी पहचानती और सम्मान देती है, जब उसकी तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमता मजबूत होती है। यदि क्षमता नहीं होगी तो दबाया जाएगा, इसलिए भारत को हर क्षेत्र में खुद को सक्षम बनाना होगा। उदयपुर की सौर वेधशाला के 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती उत्सव में शामिल होने आए किरण कुमार से दैनिक भास्कर ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस टेक्नोलॉजी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। भारत को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला देश बनना होगा। आत्मनिर्भरता ही सम्मान की असली कुंजी है। दुनिया के सैटेलाइट सिस्टम बंद हो जाएं कुछ भी नहीं कर पाएंगे किरण कुमार ने कहा कि आज अगर पूरी दुनिया के सैटेलाइट सिस्टम बंद हो जाएं तो हम कुछ भी नहीं कर पाएंगे, हम ​तिल​मिला जाएंगे। मौसम की जानकारी, चक्रवात की भविष्यवाणी, संचार व्यवस्था और नेविगेशन-सब कुछ ठप हो जाएगा। इससे यह साफ है कि स्पेस तकनीक आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। आज हम ऑब्जर्व कर पहले से चेतावनी पा रहे
उन्होंने बताया कि पहले चक्रवात कब और कहां आएगा, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल था, लेकिन अब सूर्य और अंतरिक्ष से जुड़ी प्रक्रियाओं को ऑब्जर्व कर हम पहले से चेतावनी दे पा रहे हैं। इस दिशा में लगातार अनुसंधान चल रहा है। AI मानव की जगह नहीं लेगा, उसकी क्षमता बढ़ाएगा एआई और रोबोटिक्स के सवाल पर उन्होंने कहा कि मानव ने अपनी शारीरिक मेहनत कम करने के लिए रोबोट बनाए। धीरे-धीरे उनमें इंटेलिजेंस डालने का विचार आया, ताकि मशीनें खुद निर्णय ले सकें। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव की जगह नहीं लेगा, बल्कि मानव की क्षमता को और बढ़ाएगा। किरण कुमार ने कहा कि इंसान की असली बुद्धिमत्ता को समझकर उसे एआई में डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मानव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी। अपने आपको सक्षम बनाना होगा उन्होंने कहा कि आज़ादी के समय भारत कई मामलों में दूसरे देशों पर निर्भर था, लेकिन अब देश निरंतर प्रगति कर रहा है। अगर भारत को दुनिया में सम्मान और नेतृत्व चाहिए तो स्पेस, एआई और तकनीक के हर क्षेत्र में खुद को मजबूत बनाना ही होगा। हमे अपने आपको सक्षम बनाना होगा, तब ही दूसरे लोग आपको सम्मान देंगे। ये खबर भी पढ़ें… अब ‘स्पेस वेदर’ बनेगा अगला बड़ा वैज्ञानिक मिशन:सूर्य से आने वाले खतरों से मिलेगी सुरक्षा,अंतरिक्ष मौसम की सटीक भविष्यवाणी होगी संभव
अंतरिक्ष मौसम अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जो न सिर्फ पृथ्वी को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरिक्ष में तैनात वेधशालाओं और उपग्रहों पर भी गहरा असर डालता है। सूर्य की गतिविधियों पर पैनी नजर रखकर अब पृथ्वी और अंतरिक्ष दोनों को संभावित खतरों से पहले ही अलर्ट किया जा सकेगा। (पूरी खबर पढ़े..)

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