नीमच के पास गिरदौड़ा गांव में एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाने के आरोप और उसके बाद ग्रामीणों पर हुए हमले से तनाव फैल गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव की सरोजबाई और सुरेंद्र सोनी पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर में कैद कर रखा है। जब परिवार और समाज के लोगों ने बच्ची को वापस मांगा, तो आरोपियों ने उसे छोड़ने से मना कर दिया। थाने से लौट रहे लोगों पर हमला बुधवार सुबह जब ग्रामीण इस मामले की शिकायत नीमच सिटी थाने में दर्ज कराकर वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि सरोजबाई, सुरेंद्र और उनके बेटे ने उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। आरोप है कि उनका बेटा धारदार हथियार लेकर हमला करने आया, जिससे ग्रामीणों को भागकर जान बचानी पड़ी। झूठे केस में फंसाने की धमकी शाम को दोबारा पुलिस के पास पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी आए दिन विवाद करते हैं और विरोध करने पर एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। इसी डर से गांव वाले अब तक चुप थे। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर मारपीट करने वालों को पकड़ लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्ची को जल्द से जल्द उनके कब्जे से छुड़ाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।


