शादी-ब्याह और तनाव के बहाने बढ़ रही शहर में शराब की लत

शहर में शराब गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। अस्पतालों में लीवर सिरोसिस, पेट में पानी भरने और खून की उल्टियों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 2 से 3 नए गंभीर केस सीधे शराब की वजह से सामने आते हैं, जबकि नए-पुराने मिलाकर करीब 20 मरीज रोजाना इलाज को पहुंच रहे हैं। कई मरीज पहले से लीवर की हल्की समस्या के बावजूद शादी-ब्याह, तनाव या सर्दी का बहाना बनाकर ज्यादा पी लेते हैं और अचानक हालत बिगड़ जाती है। इलाज का पहला कदम शराब पूरी तरह बंद करना है, अन्यथा दवाइयां भी असर नहीं कर पातीं। कई मामलों में लीवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है, जिसका खर्च लाखों में होता है और फैमिली डोनर की जरूरत पड़ती है। इलाज से पहले परहेज जरूरी शहर में शराब से जुड़ी लीवर बीमारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हर महीने नए मरीज सामने आ रहे हैं और ओपीडी में पुराने मामलों की संख्या भी कम नहीं हो रही। जो लोग नियमित एल्कोहल लेते हैं, वे हर 3 से 6 महीने में एलएफटी टेस्ट जरूर करवाएं। यदि उल्टी में खून, पेट में सूजन, आंखों में पीलापन या बार-बार थकान जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। शराब तनाव का समाधान नहीं, बल्कि नई समस्याओं की जड़ है। हर महीने बढ़ रहे उल्टी में खून, पेट में सूजन व लीवर फेलियर के केस डॉ दिनेश गुप्ता, गैस्ट्रोलॉजिस्ट केस 1 : 10 साल की लत, इलाज के बाद फिर शराब पी, मौत : 40 साल के बिजनेसमैन पिछले एक दशक से लगातार शराब पी रहा था। कमजोरी और जॉन्डिस की शिकायत के बाद अस्पताल आया। डॉक्टरों ने तुरंत शराब बंद करवाई और दवा शुरू की, जिससे कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन उसने दोबारा शराब शुरू कर दी। हालत तेजी से बिगड़ी और एक महीने में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक शराब छोड़ने पर जान बच सकती थी। केस 2 : 15 साल से पी रहा शराब, परिवार के साथ से बची जिंदगी : 32 साल का आईटी प्रोफेशनल 15 सालों से शराब का आदी था। जब वह अस्पताल पहुंचा तो कमजोरी और पीलिया था। परिवार ने पूरा सहयोग दिया और युवक ने शराब छोड़ने का निर्णय लिया। नियमित दवा और परहेज से अब उसकी हालत स्थिर है। केस 3: काला पीलिया के बाद भी नहीं छोड़ी शराब, खून की उल्टियों से गई जान : 70 साल के बुजुर्ग को काला पीलिया था। इलाज के बाद ठीक हो गया, लेकिन शराब नहीं छोड़ी। कुछ समय बाद खून की उल्टियां शुरू हो गईं। लीवर कमजोर था। दोबारा शराब ने स्थिति गंभीर बना दी। डॉक्टर तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचा नहीं सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *