भास्कर न्यूज | लुधियाना पक्खोवाल रोड स्थित मां बगलामुखी धाम में महंत प्रवीण चौधरी के सानिध्य में 243 घंटे का आखंड महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। मां बगलामुखी के अति प्रिय पीले रंग से सजे मां बगलामुखी धाम में सर्वप्रथम कंजक पूजन कर मां बगलामुखी का आलौकिक शृंगार का विधिवत पूजन किया गया। विद्वान ब्राह्मणों की तरफ से उच्चारित वैदिक मंत्रों व शंखनाद के साथ संत समाज की उपस्थिति में महंत प्रवीण ने मुख्य यजमानों सहित आहुतियां डालकर आखंड महायज्ञ का शुभारंभ किया। महायज्ञ के प्रथम दिन सामाजिक, धार्मिक व सामाजिक प्रतिनिधियों सहित हजारों भक्तों ने आहुतियां डालकर अपने लिए खुशियों की प्रार्थना की। इसके साथ-साथ धाम की तरफ से खूनदान के माध्यम से सेवा के महाकुंभ का भी शुभारंभ किया गया। धाम की महिला सेवकों ने विशेषरूप से तैयार पीले रंग की विशेष वेशभूषा मां बगलामुखी को अर्पित की। सेवकों ने धाम के पधारे भक्तों का तिलक लगाकर स्वागत किया। मां बगलामुखी को अर्पित भोग लंगर के रूप में भक्तों को वितरित किए। महंत प्रवीण चौधरी ने महायज्ञ की महत्वता बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से महायज्ञ आत्मशुद्धि का माध्यम है। यज्ञ हमें संयम,अनुशासन और कर्तव्यबोध का पाठ पढ़ाता है। यह हमें स्मरण कराता है कि मनुष्य का वास्तविक धर्म सेवा, त्याग और लोक कल्याण है। यदि हम यज्ञ के मूल भाव यानी त्याग, सेवा और कल्याण को अपने दैनिक जीवन में उतार लें, तो निश्चय ही एक समरस, शांत और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। मुख्य सेवादार मनप्रीत छतवाल ने आखंड महायज्ञ के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि आखंड महायज्ञ आपसी प्रेम का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर सेवक नवनजोत छतवाल, कर्ण शांडिल्या, सुनील महाजन, रमन घई, जतिन्द्र सूद, मोहित सूद, राणा रणजीत सिंह, दिनेश रल्ली, वरुण जैन, प्रशोतम चौधरी, बॉबी मक्कड़, गुनीत खेड़ा, गौतम सचदेवा, अर्जुन होरा, चेतन टंडन, इकबाल सिंह, व अन्य भी उपस्थित थे।


