देसूरी अपर सेशन न्यायाधीश ललित डाबी ने पत्नी की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति को ढाई साल बाद आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक श्रवणसिंह सोलंकी ने बताया कि मामला 25 अप्रैल 2022 का है। आरोपी चुन्नीलाल पुत्र चिमनाराम सीरवी (निवासी बेरा नोखरा) ने अपनी पत्नी सुखिया देवी (46) की गला दबाकर हत्या कर दी थी। कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह था मामला बेरा भरावा (खिंवाड़ा) निवासी नारायणलाल पुत्र मूलाराम सीरवी ने खिंवाड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी छोटी बहन सुखिया देवी की शादी आरोपी चुन्नीलाल चौधरी के साथ कई वर्ष पहले हुई थी। शादी के बाद से ही चुन्नीलाल और उसके ससुराल वाले सुखिया देवी को प्रताड़ित करते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अप्रैल 2022 की रात बेरा निम्बड़िया (खिंवाड़ा) में चुन्नीलाल ने गला दबाकर सुखिया देवी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ जांच शुरू की और न्यायालय में चार्जशीट पेश की। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रवणसिंह सोलंकी ने पैरवी की। न्यायालय ने ट्रायल के दौरान मिले साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी चुन्नीलाल को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।


