भास्कर न्यूज | अमृतसर सदर बाजार कैंट स्थित कोठी नंबर 19 को खाली करवाने का काम आखिरकार बुधवार को शुरू हो गया। जिला प्रशासन की ओर से उक्त जगह पर रहने वाले परिवारों को माल मंडी स्थित फ्लैट मुहैया करवाने की बात कही थी, जिसके बाद 14 फ्लैट उक्त जगह पर रहने वाले परिवारों को अलाट कर दिए गए। इन परिवारों को जिला प्रशासन बुधवार को उन फ्लैटों में शिफ्ट करने के लिए पहुंचा, तो उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन की ओर से एसडीएम-2 मनकंवल सिंह चाहल, नायब तहसीलदार करनबीर सिंह, नायब तहसीलदार सुनील गर्ग और पुलिस प्रशासन की ओर से डीसीपी जगजीत सिंह वालिया, एसीपी शिवदर्शन सिंह पुलिस दल बल के साथ पहुंचे थे। करीब साढ़े 10 घंटे की मशक्कत के बाद 5 परिवार अपने घर खाली करके फ्लैट में सामान लेकर पहुंचे। प्रशासन दोपहर 1 बजे पहुंचा था और रात 10.30 बजे तक परिवारों को उक्त जगह पर शिफ्ट करवाने में ही लगा रहा। समाज सेवक वरुण सरीन का कहना था कि जिला प्रशासन की ओर से सभी परिवारों को फ्लैट अलाट किए जाने चाहिए। क्योंकि प्रशासन बाद में इन परिवारों के साथ कहीं न कहीं धक्का जरूर कर देगा। माल मंडी में भी फ्लैट खाली नहीं हैं, वहां पर पहले ही कई परिवार रहते है और फ्लैटों को खाली करवाने के बाद इन परिवारों को वहां शिफ्ट किया जा रहा है तो ऐसे में इन परिवारों की सेफ्टी नहीं होगी। उनका कहना था कि उक्त फ्लैटों में न तो बिजली है, न ही पानी, ऐसे में परिवार किस तरह से रह पाएंगे। प्रशासन बुधवार को उक्त जगह का कब्जा खाली करवाने के ही मूड में आया था। प्रशासन की तरफ से उक्त जगह पर पहुंचने के बाद यहां पहले बिजली काटी गई और उसके बाद घरों को खाली करवाया गया। प्रशासन दोपहर 1 बजे के करीब यहां पहुंच गया था। जिसके बाद लोग भी एकत्रित हुए। घरों को खाली करवाने के दौरान परिवारों में मायूसी भी थी। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से परिवारों को जो फ्लैट मुहैया करवाएं, उनमें न तो बिजली थी, न पानी का कनेक्शन और न ही उनमें खिड़कियां आदि थी, जिसके चलते परिवार वहां जाने से गुरेज करते रहे। यह सभी समस्याएं लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी रखी, जिनका प्रशासन ने हल करवाने का आश्वासन भी दिया। एसडीएम मनकंवल सिंह चाहल का कहना था कि हाईकोर्ट के आदेशों पर यह कब्जा खाली करवाया जा रहा है। हालांकि आदेशों में यह कहीं नहीं लिखा है कि इन परिवारों को कहीं और बसाया जाएं। लेकिन प्रशासन की तरफ से पहल करते हुए इन परिवारों को माल मंडी में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। बता दे कि इंडियन आर्मी और कोठी के मालिक का सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा था और इंडियन आर्मी की तरफ से यह केस जीत लिया गया, जिसके बाद उक्त कोठी को खाली करवाने के आदेश जारी हुए थे। वर्ष 2019 में यह आदेश हुए, जिसके बाद प्रशासन कई बार यहां से कब्जा लेने के लिए आ चुका है। वर्ष 2024 में 11 मार्च को भी प्रशासन कब्जा लेने के लिए पहुंचा था, लेकिन उस समय भी यहां से प्रशासन कब्जा नहीं ले सका था। यहां यह भी बता दे कि उक्त कोठी में 31 परिवार पिछले 80 सालों से यहां रह रहे थे। उनके इसी जगह के बिजली बिल है, वोटर कार्ड है, आधार कार्ड है और यहां तक कि पासपोर्ट भी इस ऐड्रैस के बने हैं। डीसीपी जगजीत सिंह वालिया का कहना था कि लोग अपना सामान लेकर यहां से जाएं, अगर वहां फ्लैट के अंदर पड़े सामान को बाहर निकालना पड़ा तो पुलिस पूरा सहयोग करेगी। परिवारों को फ्लैट खाली करवाकर दिए जाएंगे और पूरी सेफ्टी के साथ वहां पर छोड़ा जाएगा।


