भास्कर न्यूज | जालंधर स्त्री आर्य समाज मंदिर मॉडल टाउन में भक्तों द्वारा चल रहे दुख निवारक गायत्री महायज्ञ किया गया। इसमें पंडित सत्यप्रकाश शास्त्री एवं पंडित बुद्धदेव वेदालंकार ने विधिवत पूजन करके भक्तों से हवन कुंड में आहुतियां डलवाई। इसके बाद रश्मि घई ने बहुत ही प्रेरणादायक भजन सुनाकर भक्तों को झूमने पर विवश किया। कार्यक्रम में अजमेर से पधारे आचार्य अंकित प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि अध्यात्म केवल बाहरी कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मा की बलिष्ठता और परमात्मा से जुड़ने का नाम है। उन्होंने कहा कि भगवान बाजार की वस्तु नहीं, बल्कि सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं। जैसे दूध से घी निकालने के लिए उसे मथना और तपाना पड़ता है, वैसे ही ईश्वर को पाने के लिए साधना, योग और सत्संग अनिवार्य है। आचार्य जी ने संगति पर विशेष बल देते हुए कहा कि कुसंगति में रहकर प्रभु को नहीं पाया जा सकता। समान गुण-धर्म वालों में ही मित्रता होती है, अतः ईश्वर से जुड़ने के लिए हमें अपने भीतर देवत्व और सद्बुद्धि जागृत करनी होगी। कार्यक्रम का स्टेज संचालन रजनी सेठी ने किया। यहां हिंदपाल सेठी, जोगिंदर भंडारी, मनोज कपूर, नीरू कपूर, कमलेश सेठी, सुमन धीर, सुमन चोपड़ा, लक्ष्मी राजदान, उमा तनेजा, रजत चतरथ व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।


