भास्कर न्यूज | अमृतसर जीएनडीयू के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. कर्मजीत सिंह ने 2 दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन किया। वीसी ने युवाओं से अपील की कि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें, ताकि पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि पंजाब का भविष्य नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और ज्ञान-आधारित विकास पर टिका है। सेमिनार की शुरुआत शब्द गायन से हुई, जिसके बाद पंजाब के ऐतिहासिक विकास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। फिल्म में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक-आर्थिक बदलाव, संघर्ष और नई संभावनाओं को उजागर किया गया। इसे पंजाब के गौरवशाली अतीत और इनोवेशन-आधारित भविष्य के बीच सेतु बताया गया। डॉ. कर्मजीत सिंह ने श्री गुरु नानक देव जी के चार मूल सिद्धांत – किरत करो, नाम जपो, वंड छको और चढ़दी कला—को विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि ये मूल्य एकता, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं, जो पंजाब को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा सकते हैं। सेमिनार में डॉ. आलोक चक्रवाल ने कहा कि विकसित पंजाब का सपना तभी साकार होगा जब हर विद्यार्थी उद्यमिता को अपनाएगा। उन्होंने युवाओं से स्टार्टअप शुरू करने, नए आइडिया पर काम करने और आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, ताकि 2037 तक पंजाब ठोस विकास के रास्ते पर बढ़ सके। मुख्य अतिथि डॉ. ममता रानी ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना मजबूत राज्यों के बिना संभव नहीं, और इसमें पंजाब की भूमिका निर्णायक होगी।


