भास्कर न्यूज | अमृतसर सीबीएसई 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पहली परीक्षा सभी स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य होगी, जबकि दूसरी परीक्षा केवल अंकों में सुधार के लिए वैकल्पिक रहेगी। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य स्टूडेंट्स पर परीक्षा का दबाव कम करना और बेहतर प्रदर्शन का दूसरा अवसर देना है। डीएवी इंटरनेशनल स्कूल अमृतसर की प्रिंसिपल डॉ. अंजना गुप्ता का कहना है कि सीबीएसई की परीक्षा नियंत्रक द्वारा दो बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े सभी प्रमुख सवालों के आधिकारिक जवाब जारी कर दिए गए हैं। सीबीएसई के अनुसार पहली बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। वहीं दूसरी परीक्षा 15 मई से जून 2026 तक होगी। दोनों परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम समान रहेगा और दोनों में से अधिक अंक ही अंतिम परिणाम में मान्य होंगे। नई प्रणाली के तहत स्टूडेंट्स अधिकतम तीन विषयों में दूसरी बार परीक्षा दे सकता है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में दो विषयों में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसे कम्पार्टमेंट श्रेणी में रखा जाएगा और वह दूसरी परीक्षा में बैठ सकेगा। हालांकि जो स्टूडेंट्स तीन विषयों में फेल होंगे या पहली परीक्षा में सभी विषयों में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में अनुमति नहीं मिलेगी और उन्हें 2027 की बोर्ड परीक्षा देनी होगी। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्टूडेंट्स केवल दूसरी परीक्षा पर निर्भर न रहें और पहली परीक्षा को ही मुख्य अवसर मानकर पूरी तैयारी करें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों पर दूसरी परीक्षा को लेकर अतिरिक्त दबाव न बनाएं। खेल कोटा और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को सीबीएसई की नीति के अनुसार दोनों परीक्षाओं में सुविधा दी जाएगी। डॉ. अंजना गुप्ता ने कहा कि परीक्षा के दौरान तनाव और अनियमित दिनचर्या से बचना जरूरी है।


