सर्दी में जकड़े कोबरा सांप का रेस्क्यू:​​​​​​​मुलाना गांव में स्नेक कैचर साहिल ने 3 फीट लंबे कोबरा सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा

जैसलमेर के मुलाना गांव में बीती रात एक घर के बाहर सर्दी में जकड़े कोबरा सांप ने सबको डराया। लोगों ने 3 घंटे से घर के बाहर बैठे कोबरा सांप को रेस्क्यू करने के लिए स्नेक कैचर साहिल को मौके पर बुलाया। मौके पर पहुंचे साहिल ने करीब 3 फीट लंबे कोबरा सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा। घर के बाहर से कोबरा सांप को लेकर जाने के बाद सभी घरवालों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सभी ने स्नेक कैचर साहिल को धन्यवाद देकर आभार जताया। स्नेक कैचर साहिल ने बताया- सर्दी का समय चल रहा है। सर्दी के समय में सांप हाइबरनेशन में चले जाते है, यानि वे जमीन के अंदर चले जाते हैं। फिर भी कुछ सांप जो भूखे होते हैं वे चूहा, मेंढक आदि खाने की तलाश में बाहर आ जाते हैं और लोगों के घरों में घुस जाते हैं। ऐसे में कड़ाके की ठंड में वे अकड़ जाते है। धूप निकलने पर ही उनका बचाव है अन्यथा ठंड में वे अकड़ जाते हैं। 15 मिनट में रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा साहिल ने बताया- बीती रात जैसलमेर से 47 किमी दूर मुलाना गांव में सर्दी के कारण एक सांप अकड़ गया। दान सिंह के घर के बाहर 3 फीट लंबा कोबरा सांप 2-3 घंटों से एक ही जगह बैठा था। सभी सांप के आने से डर गए और उसको वहां से भगाने का प्रयास करने लगे। मगर सर्दी में जकड़े सांप को वहां से हिला ना सके। घर वालों ने सांप की सूचना स्नेक केचर साहिल को दी। साहिल ने समय पर पहुंच कर 15 मिनट में सांप का रेस्क्यू किया। साहिल ने बताया कि सांप सर्दी के कारण सुस्त था। सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। हाइबरनेशन क्या होता है
हाइबरनेशन एक गहरी नींद की अवस्था है, जिसमें जानवर कम चयापचय गतिविधि करते हैं। यह अवस्था जानवरों को ठंड या कम भोजन की स्थिति में ऊर्जा बचाने और ज़िंदा रहने में मदद करती है। हाइबरनेशन के दौरान जानवर के शरीर में ये बदलाव आते हैं। शरीर का तापमान गिर जाता है, हृदय गति धीमी हो जाती है, सांस उथली हो जाती है।

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