पाली में एक व्यक्ति पर चोरी का इल्जाम लगाते हुए थाने में मामला दर्ज करवाया। लेकिन 11 महीने बाद भी पुलिस भी इस केस में कोई नतीजा नहीं दे सकी। इधर पीड़ित के खिलाफ दूसरे पक्ष ने जातीय पंचायत बुलाई। जिसमें पंचों ने बिना कानूनी और बिना किसी आधार से पीड़ित को चोरी का दोषी घोषित कर समाज से बहिष्कृत कर दिया। जिससे उसे और उसके परिवार के लोगों को मानसिक और सामाजिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आखिरकार पीड़ित ने समाज के 11 पंचों के खिलाफ मामला दर्ज करवाकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामला पाली जिले के रानी थाने का है। रानी कलां गांव के रहने वाले 35 साल के भूराराम पुत्र लक्ष्मणराम ने कोर्ट के जरिए समाज के 11 पंचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि उसके समाज के ही पुनाडिया गांव निवासी पाबूराम पुत्र मोडाराम ने उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए रानी थाने में 26 अगस्त 2024 को गहने चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। लेकिन पुलिस उसमें कोई नतीजा नहीं दे सकी।
समाज की पंचायत बुलाई
20 जुलाई 2025 को पाबूराम ने समाज की पंचायत बुलाई। जिसमें उसके परिवार को भी बुलाया गया। जहां जातीय पंचों ने उसे ओर उसकी पत्नी भंवरी को पाबूराम के गहने चोरी का दोषी मान लिया और समाज से बहिष्कृत कर दिया। ऐसे में समाज के लोगों ने उससे दूरी बना लिया ओर किसी भी सामाजिक कार्य में बुलाना और बात करना तक बंद कर दिया। जिससे उसे मानसिक और सामाजिक रूप से काफी क्षति पहुंची।
सोशल मीडिया पर फोटा पोस्टकर लिखा चोर
रिपोर्ट में बताया कि पाबूराम की दो बेटियों ने सोशल मीडिया पर उसे फोटो वायरल किए और मैसेज लिखा की यह चोर है। जिससे उसकी काफी बदनामी हुई। रिपोर्ट दर्जकर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की।


