बीमाकर्मियों (LIC) ने गुरुवार को केंद्र सरकार व प्रबंधन के प्रति गुस्सा जाहिर करते हुए विरोध जताया। बीमा में FDI को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने का विरोध है। वहीं एलआईसी में क्लास थर्ड व फॉर्थ कर्मचारियों की भर्ती करने और पेंशन योजना 1995 का लाभ देने की मांग की है।
ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर गुरुवार को चार सूत्रीय मांगों को लेकर एलआईसी कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए मोती डूंगरी स्थित एलआईसी कार्यालय पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रबंधन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
शाखा समिति अध्यक्ष संजय अरोड़ा ने बताया कि एलआईसी में लंबे समय से क्लास थर्ड और फोर्थ कैडर की भर्ती नहीं हुई, जिससे कार्यभार बढ़ता जा रहा है और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इसके साथ ही एलआईसी कर्मचारियों को 1995 की पेंशन योजना से वंचित रखा जा रहा है, जो कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एलआईसी के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है और संस्था के शेयर दूसरी कंपनियों को बेचे जा रहे हैं। जिससे एलआईसी की स्वायत्तता और सार्वजनिक चरित्र पर खतरा मंडरा रहा है। यूनियन का कहना है कि सरकार को उद्योग और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर यूनियन के साथ सार्थक संवाद करना चाहिए।
संजय अरोड़ा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।


