भीलवाड़ा की पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी माना। विशिष्ट न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्र ने आरोपी को 4 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष ने 26 दस्तावेज और 11 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध किए। डेयरी बूथ पर करता था परेशान लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने बताया- 3 फरवरी 2025 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया गया कि डेयरी बूथ पर उनकी 14 वर्षीय बेटी बैठती थी। इसी दौरान एक युवक उसे परेशान करता और अश्लील इशारे करता था। आरोपी ने नाबालिग के कुछ अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। धमकी देकर उसने नाबालिग को बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी किसी को देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। डरी-सहमी हालत में बताई आपबीती घटना के बाद नाबालिग डरी-सहमी रहने लगी। पिता ने कारण पूछने पर उसने पूरी आपबीती बताई। इसके बाद पिता उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर मेडिकल परीक्षण करवाया। आरोपी को गिरफ्तार कर जांच पूरी की गई और अदालत में चार्जशीट पेश की गई। कोर्ट ने सुनाया फैसला ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 दस्तावेज और 11 गवाह पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट में दोषी मानते हुए 4 साल की सजा और 20 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।


